Thursday , 28 January 2021

Modi Looser कागजों पर बने शौचालय : नेशनल फैमली हेल्थ सर्वे की रिपोर्ट में हुआ खुलासा, दावा 100 फीसदी, हकीकत 50 फीसदी से भी कम घरों में शौचालय


2014 में मोदी की पहली बड़ी योजना स्वच्छ भारत मिशन
99 फीसदी गांवों में शौचालय की सुविधा का 2020 में दावा
100 प्रतिशत शहरी क्षेत्रों में शौचालय बनाने का लक्ष्य पूरा
53 फीसदी घरों में शौचालय नहीं थे 2011 की जनगणना में

नई दिल्ली (New Delhi) . हकीकत की जमीन पर सरकारी दावों की पोल खुल गई. स्वच्छता को लेकर मोदी सरकार के दावे की कुछ इस तरह पोल खुली है. आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार बिहार (Bihar) में शत-प्रतिशत खुले शौचालय से मुक्ति का दावा किया गया है. जबकि हाल ही जारी नेशनल फैमिली हैल्थ सर्वे रिपोर्ट में आधे से अधिक घरों में शौचालय नहीं मिला. गुजरात (Gujarat) के ग्रामीण क्षेत्रों में 37 फीसदी घरों में शौचालय नहीं है. इससे पहले 2018 में नेशनल सैंपल सर्वे की रिपोर्ट में भी हकीकत से कई गुना (guna) अधिक आंकड़ों की कहानी सामने आ चुकी है.

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स्वच्छ भारत मिशन के प्रशासनिक आंकड़ों में करीब 100 फीसदी शौचालय का दावा किया गया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) के स्वच्छ भारत मिशन का उद्देश्य खुले में शौच को खत्म करना है. नेशनल फैमिली हैल्थ सर्वे-5 (एनएफएचएस) व इससे पहले जुलाई-दिसंबर 2018 में नेशनल सैंपल सर्वे (एनएसएस) व 31 दिसंबर 2020 तक स्वच्छ भारत मिशन (एसबीएम) का घरों में शौचालय के आंकड़े की हकीकत बयां कर रहे हैं.

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राज्य एनएफएचएस एनएसएस एसबीएम

लद्दाख 35 00 100
बिहार (Bihar) 46 56 100
पश्चिम बंगाल (West Bengal) 65 56 100
आंध्र प्रदेश (Andra Pradesh)72 66 100
कर्नाटक (Karnataka) 69 69 100
तेलंगना 73 70 100
गुजरात (Gujarat) 63 71 100
गोवा 86 72 100
महाराष्ट्र (Maharashtra) 69 73 100
जम्मू-कश्मीर 72 77 100
त्रिपुरा 72 84 100
हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh)81 89 100
नगालैंड 90 89 100
अंडमान एंड निकोबार 88 89 100
मणिपुर 68 91 100
असम 68 95 100
मेघालय 83 96 100
सिक्किम 89 97 100
केरल (Kerala) 99 97 100
मिजोरम 93 100 100
लक्षद्वीप 100 100 100
नोट: आंकड़े प्रतिशत घरों में शौचालय

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