झुंझुनू के मोहसिन खान हुए देश पर कुर्बान

झुंझुनू. झुंझुनू जिला देश की सेवा में सरहद पर अपनी एक अलग ही पहचान के नाम से विख्यात वीरो की भूमि झुंझुंनू जिले के शेखावाटी का एक और जांबाज लाडला देश सेवा करते समय वीरगति को प्राप्त हो गया. 16 ग्रेनिडियर में कार्यरत मोहसिन जम्मु कश्मीर के क्षेत्र नौशेरा में अपनी ड्यूटी करते समय पाकिस्तान की और से की गई सीज फायर का उल्लगन मे हुई मुठभेड में वीरगति को प्राप्त हो गये. शहीद मोहसिन खान एक माह पूर्व ही अपने गांव में छुट्टी काटकर अपनी ड्यूटी पर गये थे.

परिजनो के अनुसार मोहसिन खान अविवाहित था जिसका रिश्ता कुछ दिन पूर्व ही तय हुआ था. शहिद होने की सूचना घर पर आते ही कोहराम मच गया. चार भाई बहिनो में मोहसीन खान सबसे छोटा सदस्य था. शहिद के पिता सरवर अली खान भी सेना के सुबेदार से सेवानिवृत हुए है. वही उनके परिवार में 12 सदस्यो में से चाचा और ताऊ भी सेना में अपनी सेवाए दे चुके है. वही एक छोटा भाई सेना में जाईनिग करने के इन्तार में है जिसका कोरोना के चलते जोइनिंग नही हुई है. शहीद मोहसीन ने सितम्बर 2017 में जबलपुर (Jabalpur)में ट्रेनिंग की थी. फिर पठान कोट में ड्यूटी करने के बाद वर्तमान में जम्मू कश्मीर के नौशेरा में तैनात था.

शहीद मोहसीन की पार्थिव देह शाम को कोलिण्डा गांव उनके निवास पर पहुची जंहा सेना की टुकड़ी द्वारा गार्ड आफ आनर दिया गया. काफी संख्या में युवाओ ने देशभक्ति के नारे लगाते हुए भारत माता के जयकारो के साथ कब्रिस्तान पहुचे. कब्रिस्तान पहुचने के पश्चात सलामी दी. सांसद (Member of parliament) नरेन्द्र खीचड़, सेना के जवानो ने पुष्प चक्र अर्पित किये. तिरंगे को शहिद के पिता सुबेदार सरवर अली खान को सौपा. कब्रिस्तान में नमाज अदा कर पुष्प चक्र अर्पित कर शहिद की पार्थिव देह को सुपुर्द ए खाक किया गया.

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