दिल्ली के दंगल में नजर आएंगे 93 से अधिक राजनीतिक दल


नई दिल्ली . दिल्ली की 70 विधानसभा सीटों पर मुख्य लड़ाई भाजपा, ‘आप’ और कांग्रेस के बीच है. इस चुनाव दंगल में 93 से अधिक राजनीतिक दल मैदान में नजर आएंगे. 6 राष्ट्रीय, 1 प्रादेशिक पार्टी के अलावा 85 राजनीतिक दलों ने दिल्ली की सभी 70 विधानसभा सीटों पर एक जैसे चुनाव चिन्ह मांगें है. चुनाव आयोग इन दलों को एक जैसा चुनाव चिह्न जारी करने का आदेश भी जारी कर चुका है. चुनाव आयोग के अनुसार दिल्ली में अगर राष्ट्रीय और प्रादेशिक दल को छोड़ दे तो 292 से अधिक गैर मान्यता प्राप्त राजनीतिक संगठन पंजीकृत हैं. राजनीतिक दलों के अलावा एक जैसे चुनाव चिह्न मांगने वालों में बिहार के राजनीतिक दल भी शामिल हैं. कांग्रेस के साथ गठबंधन कर चुनाव लड़ रही आरजेडी ने भी अपने दल के लिए लालटेन चुनाव चिन्ह मांगा है, जिसे चुनाव आयोग ने मंजूर किया गया है. रामविलास पासवान वाली एलजेपी (लोक जनशक्ति पार्टी) ने भी 70 सीटों पर घर चुनाव चिह्न मांगा है, उसे भी मंजूरी दे दी है. हरियाणा के इनेलो ने भी दिल्ली में सभी सीटों के लिए चश्मा चुनाव चिन्ह की मांग की है.
– वोटकटुआ का काम करते हैं ये दल
दिल्ली चुनाव में छोटे राजनीतिक दलों का रोल सिर्फ वोटकटुआ (वोट काटने वाले) का होता है. बीते चुनावों के आंकड़ों पर नजर डाले तो दिल्ली में इन्हें कुल दो से चार प्रतिशत वोट ही अन्य राजनीतिक दलों को मिले हैं. बीते दो विधानसभा चुनाव पर नजर डाली जाए तो ज्यादातर वोट भाजपा, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी जैसे प्रमुख राजनीतिक दलों को ही मिले हैं.
– 150 से अधिक मुफ्त चुनाव चिन्ह
पंजीकृत मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के अलावा चुनाव आयोग के पास 150 से अधिक फ्री चुनाव चिन्ह होते है. यह चिन्ह नामांकन के बाद निर्दलीय उम्मीदवारों या फिर गैर मान्यता प्राप्त पर पंजीकृत दलों के उम्मीदवारों को भी मिलता है. मगर अब जो चुनाव चिन्ह 93 राजनीतिक दलों को दे दिए गए है वह अब निर्दलीय उम्मीदवारों को किसी भी सीट पर नहीं मिलेगा. चूंकि वह चुनाव चिह्न चुनाव आयोग ने 70 सीटों पर एक पंजीकृत राजनीतिक दल को दे दिया है.
– चुनाव में इनके होंगे एक जैसे चुनाव चिन्ह
06 राष्ट्रीय दल हैं. (भाजपा, कांग्रेस, एनसीपी, बसपा, सीपीआई, सीपीआई (एम)
01 प्रादेशिक आम आदमी पार्टी.
85 गैर मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल.

  बिना डॉक्‍टरी सलाह के नहीं करे ऐलोवेरा का सेवन : यह हो सकता है नुकसान

Check Also

गैगरेप, ब्लैकमेल से परेशान होकर खूद को जिंदा जलाने वाली 14 साल की किशोरी की मौत

बैतूल घटना के दोषियो को बख्शा नही जायेगा – गृहमंत्री भोपाल/बैतूल. मध्यप्रदेश के बैतूल जिले …