बेजोस के बाद एनर्जी कारोबार में मस्क को टक्कर देंगे मुकेश अंबानी

नई दिल्ली (New Delhi) . दुनिया के सबसे बड़े रईस जेफ बेजोस और भारत के सबसे अमीर शख्स मुकेश अंबानी के बीच भारत के ई-कॉमर्स बाजार में दबदबे के लिए होड़ मची हुई है. अंबानी की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज ने फ्यूचर ग्रुप के रिटेल और होलसोल कारोबार को खरीदने के लिए पिछले साल एक डील की थी, लेकिन बेजोस की कंपनी ऐमजॉन ने उसमें अडंगा डाल दिया है.

फिलहाल यह मामला अदालत में है. मुकेश अंबानी का जोर अब अपने एनर्जी कारोबार पर है. देश में ई-कारों का दौर शुरू होने जा रहा है और संभवतः रिलायंस ने इसमें बड़ी भूमिका के लिए खुद को तैयार कर लिया है. रिलायंस इंडस्ट्रीज ने स्टॉक एक्सचेंजेज को जानकारी दी है कि वह अपने न्यू एनर्जी और न्यू मटीरियल्स बिजनस को रफ्तार देने को तैयार है. कुछ जानकारों का कहना है कि ओ2सी बिजनस को अलग करना इस दिशा में बढ़ाया गया कदम है.

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अनुमानों के मुताबिक बैटरी और रिन्यूएबल समेत नए जमाने के फ्यूल का कारोबार अगले दशक तक 50 अरब डॉलर (Dollar) का हो सकता है. मीडिया (Media) रिपोर्ट्स के मुताबिक रिलायंस इंडस्ट्रीज इस उभरते मौके को भुनाने के लिए 15 अरब डॉलर (Dollar) तक निवेश कर सकती है. अगर रिलायंस इन सेक्टर में उतरती है तो उसका सीधा मुकाबला एलन मस्क से होगा. इलेक्ट्रिक कार बनाने वाली कंपनी टेस्ला के सीईओ मस्क को इस फील्ड का पोस्टर बॉय और निर्विवाद लीडर माना जाता है. बैटरी और सोलर पैनल से वह अरबों की कमाई कर रहे हैं. हालांकि अंबानी ने अभी तक अपनी योजना का पूरा खुलासा नहीं किया है लेकिन माना जा रहा है कि वह एनर्जी स्टोरेज में भारी निवेश कर सकते हैं.

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दुनिया के दूसरे सबसे बड़े रईस मस्क ने अधिकांश पैसा इलेक्ट्रिक कार से बनाया है, लेकिन ई-कार बनाना और बेचना शायद अभी अंबानी की योजना में नहीं है. रिलायंस इंडस्ट्रीज ने पिछले साल अपनी सालाना रिपोर्ट में भारी बदलाव के संकेत दे दिए थे. कंपनी का कहना था कि आने वाले दिनों में वह जेट फ्यूल और पेट्रोकेमिकल्स पर जोर दे सकती है. रिलायंस इंडस्ट्रीज की 2020 की रिपोर्ट में यह भी कहा गया था कि कंपनी का जोर कारों की बैटरी और ट्रांसपोर्ट के लिए हाइड्रोजन पर होगा. ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के मुताबिक रिलायंस ने अपनी रिफाइनरीज से निकलने वाले फीडस्टॉक से हाई वैल्यू प्रोडक्ट्स बनाने के लिए पहले ही भारी निवेश किया है.

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