संक्रमण का प्रसार 96 प्रतिशत तक कम कर सकता है अनेक परत वाला मास्क

वाशिंगटन . अमेरिका के जॉर्जिया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के वैज्ञानिकों समेत विशेषज्ञों ने कहा कि मास्क बनाने में इस्तेमाल सामग्री, इसकी कसावट और इसमें इस्तेमाल की गयी परतें नोवेल कोरोना (Corona virus) के संक्रमण के प्रसार को प्रभावित कर सकती हैं.

अध्ययन में उन्होंने बताया कि उचित तरीके से बनाया गया अनेक परतों वाला मास्क इसे पहनने वाले व्यक्ति से निकलने वाले 84 प्रतिशत कणों को रोक देता है, वहीं इस तरह का मास्क पहने दो लोग संक्रमण के प्रसार को करीब 96 प्रतिशत तक कम कर सकते हैं. एक नये अध्ययन में यह बात सामने आई. एयरोसोल साइंस एंड टेक्नोलॉजी पत्रिका में प्रकाशित अध्ययन में विभिन्न किस्म के पदार्थों से अत्यंत छोटे कणों के निकलने के प्रभाव के बारे में अध्ययन किया गया.

अध्ययनकर्ता नगा ली ने कहा, ‘‘एक अतिसूक्ष्म कण हवा में घंटों तक और दिनों तक रह सकता है और यह हवा के आने-जाने के मार्ग पर निर्भर करता है, इसलिए यदि किसी कमरे में हवा निकासी की उचित व्यवस्था नहीं है तो ये छोटे कण बहुत लंबे समय तक रह सकते हैं. वैज्ञानिकों ने अपने अनुसंधान में 33 विभिन्न व्यावसायिक रूप से उपलब्ध पदार्थों का परीक्षण किया जिनमें सूती और पॉलिस्टर जैसे एक परत वाले बुने हुए कपड़े शामिल हैं. उन्होंने कहा, हमें पता चला कि एक ही तरह के पदार्थ में से भी तत्वों के निकलने के विविध परिणाम सामने आए.

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