प्रकृति के त्रिदिवसीय रोमांच ‘पेडल टू जंगल‘ का हुआ शुभारंभ : एसपी डॉ. पचार ने झण्डी दिखा ‘रश-ऑवर-राइड‘ को किया रवाना


उदयपुर (Udaipur). ईको टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए वन विभाग, ग्रीन पीपल सोसायटी, पर्यटन विभाग “ली टूर डी इंडिया तथा बेला बसेरा रिसोर्ट के संयुक्त तत्वावधान में साइकिल पर प्रकृति के त्रिदिवसीय रोमांच ‘पेडल टू जंगल‘ का शुभारंभ गुरुवार (Thursday) को फील्ड क्लब से हुआ. पहले दिन इस सफर का शुभारंभ रश-ऑवर-राइड के साथ हुआ, जिसे जिला पुलिस (Police) अधीक्षक डॉ. राजीव पचार ने झण्डी दिखाकर रवाना किया. डॉ पचार ने सभी साइक्लिस्ट को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि दक्षिण राजस्थान (Rajasthan)के वन एवं यहां का प्राकृतिक सौंदर्य अलौकिक है. सभी संभागी बहुत भाग्यशाली है कि उन्हें उदयपुर (Udaipur) की नैसर्गिक समृद्धि व ऐतिहासिक शिल्प-वैशिष्ट्य से रूबरू होने का अवसर मिला है. उन्होंने इस इवेन्ट के लिए यात्रा संयोजक और ग्रीन पीपल सोसायटी के अध्यक्ष रिटायर्ड सीसीएफ राहुल भटनागर को भी बधाई दी और भविष्य में ऐसे आयोजन में भागीदारी निभाने की इच्छा जाहिर की. इस अवसर पर मुख्य वन संरक्षक आर.के.खैरवा, सेवानिवृत आईएफएस इन्द्रपाल सिंह मथारू, डीएफओ मुकेश सैनी, शौतानसिंह देवड़ा, सेवानिवृत डीएफओ वी.एस.राणावात, पी.एस.चुण्डावत, फील्ड क्लब सचिव यशवंत आंचलिया, आदि मौजूद रहे.

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देखा शहर का शिल्प-वैशिष्ट्य और सांस्कृतिक वैभव:

यह राईड फील्ड क्लब से शुरू हुई और फतहपुरा, देवाली, द स्टडी स्कूल, चांदपोल गेट जगदीश चौक, समोर बाग, दूधतलाई रिंगरोड़ से पुनः जगदीश चौक, चांदपोल पुलिया, अंबामाता मंदिर, राड़ाजी सर्कल, रानी रोड, देवाली होते हुए पुनः फील्ड क्लब आकर थमी. इसमें देश के विभिन्न हिस्सों से आने वाले प्रतिभागियों को शहर की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक विरासत की झलक दिखी. सभी ने उत्साह से इस राइड का लुत्फ उठाया.

नैसर्गिक सौंदर्य के साथ संस्कृति की झलक दिखेगी:

दूसरे दिन 12 फरवरी को यह साइकिल का सफर उदयपुर (Udaipur) शहर से अलसीगढ़ की वादियों से होते हुए झाड़ोल की ओर प्रस्थान करेगा. उदयपुर (Udaipur) के फील्ड क्लब से इस साइकिल रैली को हिन्दुस्तान जिंक (Hindustan Zinc) लिमिटेड के डायरेक्टर व सीईओ अर्जुन मिश्रा रवाना करेंगे. साइकिल यात्री उदयपुर (Udaipur) से रवाना होकर सुरम्य पहाड़ों के बीच होते हुए गोराना डैम पहुंचेंगे. यह डैम अपने सौंदर्य के साथ एक बहुत ही दिलचस्प बर्डिंग साईट है. शाम को संभागी स्थानीय गैेर नृत्य व मनोरंजक कैम्प फायर का आनंद लेंगे. प्रकृति प्रेमियों को रातभर बांध के समीप ही एक पहाड़ी पर एक अद्भुत शिविर में रहने का अवसर मिलेगा.

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स्टार ट्रेल फोटोग्राफी का होगा आयोजन:

यहां से 13 फरवरी की सुबह साइकिलिस्ट फुलवारी की नाल वन्यजीव अभयारण्य से होते हुए पानरवा तक पहुंचेंगे. पानरवा वन गेस्ट हाउस (ब्रिटिश सेना पड़ाव बिंदु) तक पहुंचने के लिए एक तरफ वकाल नदी के साथ सड़क के किनारे और पहाड़ों पर इस साहसिक यात्रा का आनंद लुफ्त लेंगे. दोपहर के भोजन के बाद, एक चिट चौट सत्र और वन अधिकारियों के साथ फोरेस्ट हाई टी के साथ प्रकृति पर चर्चा होगी. शाम को स्थानीय लोगों द्वारा मेवाड़ी संस्कृति पर आधारित कार्यक्रम होंगे. रात्रि भोजन के बाद स्टार ट्रेल फोटोग्राफी का आयोजन होगा. इसमें सर्वश्रेष्ठ शॉट्स को पुरस्कृत किया जाएगा. सभी संभागियों का यह रोमांचक सफर पानरवा से पोलो फोरेस्ट तक के घने जंगल की पगडंडियों के बीच होकर गुजरात (Gujarat) सीमा में प्रवेश करेगा जहां पर पोलो फोरेस्ट इंटरप्रिटीशन सेंटर में एक विदाई समारोह के साथ थमेगा.

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