कोरोना से मुक्ति के लिए नीलकंठ से करेंगे अरज : सवा लाख महामृत्युंजय मंत्र का होगा पाठ, होलैंड ओर कोलंबिया के फूलों से सजेगा नीलकंठ महादेव मंदिर

उदयपुर (Udaipur). वैश्विक रूप से फेल चुकी कोरोना महामारी (Epidemic) से अब भगवान भोलेनाथ ही बचा सकते है. जिस तरह समुद्र मंथन में निकले हलाहल विष को भगवान भोलेनाथ अपने कंठ में धारण कर नीलकंठ कहलाये. उसी तरह महादेव इस कलयुग में फ़ैल रही कोरोना महामारी (Epidemic) से भी सभी को निजात दिला सकते है. इसी आस्था और विश्वास के साथ उदयपुर (Udaipur) के शिव भक्त लव श्रीमाली, लक्की फ्लावर्स के गौरव माली व उनकी टीम द्वारा आगामी 27 जुलाई को यूआईटी सर्कल के पास स्तिथ 500 वर्ष प्राचीन नीलकंठ महादेव में कोरोना से मुक्ति के लिए अनूठा भक्तिमय प्रयास किया जा रहा है.
शिव भक्त लव श्रीमाली ने बताया कि 27 जुलाई को सावन के चतुर्थ सोमवार (Monday) को सुबह 6 बजे से पूर्ण भक्तिमय वातावरण में महायज्ञ का आयोजन किया जा रहा है, जिससे हवन के माध्यम से कोरोना (Corona virus) हवा में ही समाप्त हो सके.

होलैंड ओर कोलंबिया के फूलों से सजेगा नीलकंठ महादेव मंदिर

शिव भक्त लक्की फ्लावर्स के गौरव माली ने बताया कि नीलकंठ महादेव मंदिर को होलैंड और कोलंबिया से आए विशेष फूलों से सजाया जाएगा. उदयपुर (Udaipur) में इस तरह का यह पहला आयोजन होगा, जिसमें विदेशी फूलों से महादेव के मंदिर को सजाया जाएगा, जो शिव भक्तों को महादेव के एक आलौकिक और अद्भुत दर्शनों का एहसास करवाएगा.

सवा लाख महामृत्युंजय मंत्र का होगा जाप

शिवभक्त लव श्रीमाली ने बताया कि आयोजन को लेकर 26 जुलाई से ही महायज्ञ के साथ महामृत्युंजय मंत्र के पाठ शुरू हो जाएंगे जो 27 जुलाई तक चलेंगे. जिसमें सवा लाख महामृत्युंजय मंत्र का जाप किया जाएगा. इसके साथ ही महादेव मंदिर व स्वयं महादेव की प्रतिमा को विदेशी फूलों से श्रृंगारीत किया जाएगा.  उन्होंने बताया कि इन मंत्रोच्चारण के साथ ही महादेव से अरज की जाएगी की,  कोरोना महामारी (Epidemic) के विष को भी हलाहल विष की तरह पीकर पूरे विश्व को इस वैश्विक महामारी (Epidemic) से बचाएं. सभी की कोरोना से रक्षा करे जिससे पूरे विश्व मे शांति और सद्भाव की भावना का विकास हो.

घर-घर वितरित होगा प्रसाद वितरण

महायज्ञ के साथ ही भक्तों के लिए महादेव के प्रसाद की भी व्यवस्था की गई है. कोरोना काल में लोग मंदिर तक नहीं आए बल्कि भक्तो को घर पर ही महादेव के प्रसाद का लाभ मिले, इसी को लेकर उन्हें उनके घरों पर ही प्रसाद का वितरण किया जाएगा.

सोशल मीडिया (Media) के माध्यम से जुड़े आयोजन से

आयोजकों ने शहर वासियों से अपील भी की है, कि इस संपूर्ण कार्यक्रम को सोशल मीडिया (Media) के माध्यम से लोगों तक लाइव पहुंचाया जाएगा. इसलिए सभी अपने घरों में रहकर ही भगवान भोलेनाथ के फूलों से श्रृंगारित आलौकिक दर्शनों का लाभ लें. साथ ही इस महायज्ञ में घर बैठे शामिल होकर कोरोना से मुक्ति के लिए महादेव से अरज भी करें.

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