कोरोना मरीज की मौत की पांच दिनों तक इत्तिला नहीं देना और शव को सड़ी-गली दशा में रखना अमानवीयता की पराकाष्ठा


रायपुर (Raipur) (Raipur) . भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल ने बिलासपुर (Bilaspur) के पं. सुंदरलाल शर्मा विश्वविद्यालय स्थित आइसोलेशन सेंटर में भर्ती मरीज की मौत के बाद भी पाँच दिनों तक परिजनों को इसकी इत्तिला नहीं दिए जाने और मरच्युरी में शव को सड़ी-गली दशा में रखे जाने पर इसे प्रदेश सरकार और स्वास्थ्य विभाग की निकृष्टतम कार्यप्रणाली का परिचायक और अमानवीयता की पराकाष्ठा बताया है. अग्रवाल ने कहा कि कोविड सेंटर्स में मरीजों की तो दुर्दशा हो ही रही है, प्रदेश सरकार के कारिंदे कोरोना संक्रमितों के शवों की दुर्गति करने में जऱा भी हिचकिचाहट महसूस नहीं कर रहे हैं.

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पूर्व विधानसभा अध्यक्ष अग्रवाल ने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि कोरोना संक्रमित पाए जाने पर बिलासपुर (Bilaspur) के सिम्स अस्पताल से उक्त आइसोलेशन सेंटर में शिफ्ट मरीज नीलमणि शर्मा की तबीयत लगातार बिगड़ रही थी और वहां के जि़म्मेदार लोग परिजनों को उनके स्वस्थ होने की जानकारी देकर ग़ुमराह करते रहे. इधर हालत और बिगडऩे पर शर्मा को संभागीय कोविड अस्पताल रिफर किया गया और इस दौरान उनकी मौत हो गई. अग्रवाल ने कहा कि शर्मा की खैरियत जानने आइसोलेशन सेंटर पहुँचे परिजनों को उनके बारे में कोई जानकारी नहीं मिली और इसकी शिकायत के बाद भी कोई जानकारी नहीं मिली तो कोनी थाना में इसकी शिकायत की गई और तब परिजनों को शर्मा के कोविड अस्पताल में भर्ती किए जाने की जानकारी हुई. वहाँ पहुँचने के बाद भी परिजन काफी परेशान होते रहे और तब उन्हें शर्मा की 10 अप्रैल को ही मौत हो जाने की जानकारी हुई.

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अग्रवाल ने कहा कि कोरोना संक्रमितों की मौत के बाद शवों की ऐसी दुर्गति करने और परिजनों को पाँच दिनों तक मौत की सूचना तक नहीं देने का ऐसा संवेदनहीन और अमानवीय कृत्य करने वाली प्रदेश सरकार आखिऱ किस मुँह से कोरोना के खि़लाफ़ ज़ंग लडऩे की बात कर रही है? प्रदेश भर में कोविड सेंटर्स में मरीजों की दुर्दशा के रोज वीडियो वायरल हो रहे हैं, कोरोना मृतकों के सम्मानपूर्वक दाह संस्कार तक की व्यवस्था नहीं कर पाने वाली प्रदेश सरकार को इस बात पर कब शर्म महसूस होगी कि उसके कारिंदे कोरोना मृतकों के शवों को एंबुलेंस (Ambulances) के बजाय कचरा वाहन से श्मशानघाट पहुँचाकर शवों का अपमान और शोकाकुल परिजनों की भावनाओं का इतना घिनौना मखौल उड़ा रहे हैं.

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