संकट में कांग्रेस / अध्यक्ष ही नहीं, कांग्रेस के कई अहम विभागों और प्रकोष्ठों में भी नेतृत्व का संकट, खाली पड़े हैं पद


नई दिल्ली . अपने सांगठनिक जीवन के सबसे मुश्किल दौर से गुजर रही कांग्रेस में सिर्फ नए अध्यक्ष को लेकर संशय की हालत नहीं है, बल्कि पार्टी के कई विभाग एवं प्रकोष्ठ भी लंबे समय से नए मुखिया के इंतजार में हैं. कुछ विभाग और प्रकोष्ठ तो निष्क्रियता की स्थिति में हैं.

कांग्रेस का कहना है कि संगठन में बदलाव की प्रक्रिया लगातार चल रही है और आने वाले समय में पार्टी के विभागों एवं प्रकोष्ठों में रिक्त पदों को भर दिया जाएगा. पार्टी के 20 से अधिक विभागों-प्रकोष्ठों में से तीन विधि, मानवाधिकार एवं आरटीआई विभाग, अखिल भारतीय आदिवासी कांग्रेस और अखिल भारतीय किसान कांग्रेस के अध्यक्ष के पद लंबे समय से खाली हैं.

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लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की करारी हार के बाद विधि विभाग के अध्यक्ष विवेक तन्खा ने इस्तीफा दे दिया था. इसके बाद अब तक इस विभाग के अध्यक्ष पद पर किसी नए व्यक्ति की नियुक्ति नहीं की गई है. आदिवासी समुदाय में पार्टी का अधार बढ़ाने के मकसद से काम करने वाले ‘अखिल भारतीय आदिवासी कांग्रेस’ के अध्यक्ष का पद पिछले एक वर्ष से रिक्त है.

पूर्व केंद्रीय मंत्री किशोर चंद्र देव ने लोकसभा चुनाव से पहले आदिवासी कांग्रेस के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था. फिलहाल कांग्रेस का यह विभाग इसके दो उपाध्यक्षों महेंद्रजीत सिंह मालवीय और श्यामसुंदर हंसदाह की अगुवाई में चल रहा है. पार्टी का एक और महत्वपूर्ण प्रकोष्ठ ‘किसान कांग्रेस’ भी पिछले तीन महीनों से अध्यक्ष के बिना काम कर रहा है. पिछले साल नवंबर में महाराष्ट्र में शिवसेना-कांग्रेस-राकांपा की सरकार बनने के बाद किसान कांग्रेस के अध्यक्ष नाना पटोले विधानसभा अध्यक्ष बन गए थे. इसके बाद किसान कांग्रेस का अध्यक्ष पद खाली है.

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यही नहीं, ओबीसी विभाग के अध्यक्ष ताम्रध्वज साहू छत्तीसगढ़ में गृहमंत्री भी हैं. वह पिछले 14 महीने से दोनों पदों पर हैं. इसी तरह ‘अनुसूचित जाति विभाग’ के अध्यक्ष नितिन राउत तीन महीने पहले महाराष्ट्र सरकार में मंत्री बन गए हैं. तब से यह पद खाली पड़ा है. इन पर नए अध्यक्ष की नियुक्त की जानी है. सूत्रों के मुताबिक कई अन्य विभागों में विभिन्न पद खाली हैं. मसलन, करीब डेढ़ साल पहले बने ‘सिविक एंड सोशल आउटरीच कांग्रेस’ में अध्यक्ष और सचिव के अलावा किसी अन्य पदाधिकारी की नियुक्ति नहीं हुई है.

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