Gujarat

कांग्रेस के आरोपों पर गुजरात सरकार ने कहा- ये जनता को गुमराह करने की कोशिश

ऋषिकेश पटेल

अडाणी पॉवर मुंद्रा लिमिटेड को 3,900 करोड़ रुपये अधिक भुगतान का मामला

Gandhinagar , 26 अगस्त . State government के प्रवक्ता मंत्री ऋषिकेश पटेल ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष शक्तिसिंह गोहिल के अडाणी पॉवर मुंद्रा लिमिटेड को 3900 करोड़ रुपये अधिक भुगतान करने के मामले में स्पष्ट किया है. उन्होंने कांग्रेस नेता के आरोपों को बेबुनियाद और जनता को गुमराह करने की कोशिश करार दिया है.

State government के प्रवक्ता मंत्री पटेल ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष के आरोपों का खंडन किया है जिसमें आरोप लगाया गया है कि Gujarat ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड की ओर से अडाणी पॉवर मुंद्रा लिमिटेड को एक चिट्ठी लिखकर 3,900 करोड़ रुपये अडाणी समूह से वापस मांगे. आरोप के अनुसार कोयला खरीद और बेचने को लेकर Gujarat सरकार ने 5 साल में अडाणी समूह को 13,802 करोड़ की राशि दी है जबकि Gujarat सरकार को केवल 9,902 करोड़ देने थे. अब Gujarat सरकार ने अडानी समूह को पत्र लिखकर आग्रह किया गया कि वह सरकार को 3,900 करोड़ रुपये वापस करने को कहा है.

  पीएम मोदी 24 सितंबर को गुजरात के तीसरे वंदे भारत ट्रेन को दिखाएंगे हरी झंडी

प्रवक्ता मंत्री ने कहा कि वर्ष Gujarat सरकार ने वर्ष 2007 में प्रतियोगी बिडिंग प्रक्रिया के तहत चयनित बीडर से बिजली खरीद का करार किया है. इसके तहत अडाणी पावर मुंद्रा लिमिटेड के साथ बिजली की खरीद का 2 करार 6 फरवरी, 2007 और 2 फरवरी, 2007 को किया गया था. इन दोनों प्रोजेक्ट में बिजली का उत्पादन आयातित कोयला से किया जाता है. कोयला इंडोनेशिया से आयात किया जाता है. वर्ष 2017 के दौरान पावर प्रोजेक्ट ने कोयले के भाव में बढ़ोतरी के कारण उत्पादन बंद कर दिया और प्रोजेक्ट में एनर्जी चार्ज में आयातित कोयला के भाव के अनुरूप बढ़ोतरी की मांग की. सरकार ने हाईपावर कमेटी की रचना की गई. कमेटी ने आयातित कोयला आधारित बिजली उत्पादक केन्द्रों को बिजली चार्ज चुकाने की सिफारिश की. इसके लिए पूरक बिजली करार किया गया. राज्य में उपभोक्ताओं को लगातार बिजली की उपलब्धता के लिए सरकार ने हाई पावर कमेटी की सिफारिशों को कुछ सुधार के साथ स्वीकार कर लिया. बाद में सितम्बर 2021 के बाद अंतरराष्ट्रीय मार्केट में आयातित कोयला के भाव में अभूतपूर्व वृद्धि हुई. वर्ष 2022 में 331 डालर प्रति टन हो गया. इसके बाद सभी कोयला आधारित बिजली प्रोजेक्ट बंद कर दिए गए. इस दौरान केन्द्र सरकार ने भी बिजली की कमी नहीं हो और अन्य राज्य में हो रहे लोड शेडिंग के निवारण के लिए इलेक्ट्रिसिटी सेक्शन 11 के तहत देश के सभी आयातित कोयला प्रोजेक्ट को बिजली उत्पादन चालू रखने का निर्देश दिया. इसी के तहत मुंद्रा प्लांट से 2434 मेगावाट बिजली उत्पादन होता रहे, इसके लिए State government ने बेस रेट से Gujarat ऊर्जा विकास निगम के माध्यम से 5 दिसंबर, 2018 को हुए पूरक करार के अनुसार अंतरिम भुगतान किए.

  विश्वास और सहकार के बूते 4 लाख का फंड 300 करोड़ का बैंक बना : मुख्यमंत्री

प्रवक्ता मंत्री ने बताया कि इस राशि का भुगतान अंतिम नहीं है, इसका हिसाब किया जाएगा. उन्होंने कहा कि कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष ने तथ्य विहीन आरोप लगाए हैं, साथ ही जनता को गुमराह करने की कोशिश की है.

/ बिनोद/प्रभात

न्‍यूज अच्‍छी लगी हो तो कृपया शेयर जरूर करें

Most Popular

To Top

ताजा खबरों के लिए हमारा ग्रुप ज्‍वाइन करें


This will close in 0 seconds