कृषि विज्ञान केन्द्रों की वार्षिक क्षेत्रीय समीक्षा कार्यशाला की Online Meeting

उदयपुर (Udaipur). कृषि विज्ञान केन्द्रों की वार्षिक क्षेत्रीय समीक्षा की आॅनलाईन बैठक दिनांक 17 से 19 जुलाई, 2020 को सम्पन्न हुई. बैठक का उद्घाटन माननीय केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री कैलाश चैधरी ने किया. उन्होंने अपने उद्बोधन में बताया कि कोविड-19 (Covid-19) महामारी (Epidemic) के चलते कृषि विज्ञान केन्द्रों की बहुत बड़ी जिम्मेदारी है कि सोशियल डिस्टेशिंग बनाते हुए कृषि कार्यों को सम्पादित कराएं. इस हेतु किसानों में जागरूकता बढ़ानी है साथ ही भारत सरकार (Government) की विभिन्न योजनाएं जैसे – आत्मनिर्भर भारत, एफ.पी.ओ. किसान उत्पादकता संगठन का गठन, प्रवासी कामगारों के लिए दक्षता प्रशिक्षण आदि की जानकारी किसानों तक पहुँचानी है. इस अवसर पर उन्होंने जोन द्वितीय के विभिन्न कृषि विज्ञान केन्द्रों के वैज्ञानिकों से विचार विमर्श किया.

  महिला से किया सामूहिक दुष्कर्म

डाॅ. ए.के. सिंह, उपमहानिदेशक (प्रसार शिक्षा), आई.सी.ए.आर., नई दिल्ली (New Delhi) ने बताया कि इस बैठक में कृषि जोन द्वितीय राजस्थान (Rajasthan), हरियाणा (Haryana) (Haryana) एवं दिल्ली से सम्बन्धित 63 कृषि विज्ञान केन्द्रों के विगत वर्ष की प्रगति की वार्षिक समीक्षा की गई. बैठक में राज्य के विभिन्न कृषि विश्वविद्यालयों के कुलपतियों ने भी अपने विचार व्यक्त किये.

  नेशनल हाईवे-8 पर जनजाति अभ्यर्थियों का धरना समाप्त, संयुक्त बैठक में सहमति के बाद हाईवे पर आवागमन हुआ सामान्य

बैठक के दूसरे दिन माननीय त्रिलोचन महापात्रा, महानिदेशक, आई.सी.ए.आर., नई दिल्ली (New Delhi) ने सभी कृषि विज्ञान केन्द्रों के वैज्ञानिकों से समीक्षा करते हुए बताया कि अपने-अपने केन्द्रों पर किसानों की आवश्यकतानुसार नवीन प्रौद्योगिकी को हस्तान्तरित करंे. किसानों हेतु सभी सरकारी योजनाओं पर पत्र-पत्रिकाएं छपवाएं व अपने केन्द्रों पर आने वाले किसानों को उपलब्ध कराएं ताकि उन्हें इसका लाभ मिल सके. साथ ही उन्होंने कहा कि किसानों की आय दुगुनी करने के लिये हमें कृषि के साथ-साथ पशुपालन की गतिविधियों को बढ़ाना होगा.

बैठक के समन्वयक डाॅ. एस.के. सिंह, निदेशक, आई.सी.ए.आर.-अटारी, जोधपुर ने बताया कि इस तीन दिवसीय कार्यशाला में कृषि विज्ञान केन्द्रों के गत वर्ष किए गए विभिन्न प्रकार की गतिविधियों का गहन मूल्यांकन किया गया एवं उत्पादकता बढ़ाने हेतु इसे और अधिक प्रभावी बनाने के उपाय सुझाए गये.  कार्यशाला के अन्त में डाॅ. एस.एल. मूंदड़ा, निदेशक प्रसार शिक्षा, महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, उदयपुर (Udaipur) ने बताया कि इस विश्वविद्यालय के कार्यक्षेत्र में आने वाले 9 कृषि विज्ञान केन्द्रों के वैज्ञानिकों ने अपने केन्द्रों पर किये जा रहे कार्यों से सभी को अवगत कराया.

  राजस्थान में अब आयोजनों में 50 की जगह 100 लोग हो सकेंगे शामिल

 

Check Also

ह्रदय की जांच मात्र 999 रुपये में

उदयपुर (Udaipur). पारस जे. के. हॉस्पिटल में विश्व ह्रदय दिवस के उपलक्ष्य में ह्रदय रोगों …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *