लद्दाख तनाव: चीनी राष्ट्रपति के बयान के बाद पीएम ने की बैठक


नई दिल्ली (New Delhi). लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर चीन के साथ तनावपूर्ण स्थिति के बीच चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग का बयान माहौल को और भी भड़काने वाला है. इस बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चीफ ऑफ डिफेंस सर्विस (सीडीएस), राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) के साथ आपात बैठक कर मामले की जानकारी ली. हालांकि, इस बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह उपस्थित नहीं थे. जानकारी के अनुसार, चीनी राष्ट्रपति जिनपिंग ने कहा कि चीन की सेनाओं को संप्रभुता बनाए रखने के लिए तैयार रहना चाहिए. जिनपिंग का यह बयान ऐसे समय आया है, जब लद्दाख में दोनों सेनाओं के बीच पिछले एक सप्ताह से लगातार तनाव बना हुआ है.

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भारत भी बढ़ाएगा एलएसी पर सैनिक

रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने सीडीएस जनरल बिपिन रावत और तीन सेनाओं के प्रमुखों के साथ बैठक की. बैठक में एलएसी के जमीनी हालात की समीक्षा कर आगे रणनीति पर विचार किया गया. सूत्रों ने बताया कि चार घंटे से ज्यादा वक्त तक महामंथन हुआ, जिसमें रक्षामंत्री ने चीन की तरफ से सैनिकों की संख्या बढ़ाने पर भारत की प्रतिक्रिया का खाका पेश किया. इस महामंथन के दौरान स्पष्ट कर दिया गया कि संघर्ष विराम के लिए बातचीत होगी. लेकिन, भारतीय सेना वहां अपनी संप्रभुता से बिल्कुल भी समझौता नहीं करेगी. इलाके में सड़क निर्माण का काम चलता रहेगा. भारत अपना सैन्य दल-बल चीन के मुकाबले बढ़ाता रहेगा.

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कई बार हो चुकी असफल बैठक

भारतीय सेना और चीन की पीपल्स लिबरेशन आर्मी के बीच पूर्वी लद्दाख में एलएसी पर हालात सामान्य करने के लिए कई बार मीटिंग हो चुकी है. हालांकि, सोमवार (Monday) तक इसमें कोई कामयाबी नहीं मिली. उससे पहले रविवार (Sunday) को भी मीटिंग हुई थी. लेकिन, सूत्रों के मुताबिक कई मुद्दों पर सहमति नहीं बन पाई. संभव है कि आगे क्षेत्रीय कमांडरों के स्तर पर और भी मीटिंग होगी.

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