किसानों के साथ ऋण माफी के नाम पर राजनीति और धोखा का भंडाफोड़

रांची (Ranchi) . देश की राजनीति में इन दिनों किसानों का मुद्दा छाया हुआ है. कांग्रेस सहित तमाम विपक्षी दल खुद को किसानों का सच्चा हमदर्द बताने में जुटे हैं. ऐसे में झारखंड के किसानों के साथ ऋण माफी के नाम पर राजनीति और धोखा का भंडाफोड़ हुआ है. राज्य में किसानों को 50 हजार रुपये तक की ऋण माफी का ढोल पीटने वाली कांग्रेस समर्थित हेमंत सोरेन सरकार की पोल खुल गई है.

कांग्रेस समर्थित सरकार की हकीकत ये है कि अब तक वित्त विभाग से राशि का आवंटन तक नहीं हो पाया है. मतलब मार्च 2021 तक ऋण माफी के मद में 2 हजार करोड़ की राशि खर्च करने का दावा करने वाला कृषि विभाग के पास चव्वनी तक नहीं है. आलम कुछ ऐसा है कि अब कृषि विभाग ने 1 हजार करोड़ रुपये सरेंडर करने की तैयारी भी पूरी कर ली है.

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झारखंड विधानसभा चुनाव (Assembly Elections) के वक्त कांग्रेस ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में किसानों के लिये 2 लाख रुपये तक की ऋण माफी का वादा किया था. हेमंत सोरेन सरकार के गठन के साथ ही ये मांग उठने लगी. हेमंत सोरेन सरकार के पहली सालगिरह पर राज्य के किसानों को ऋण माफी का तौहफा दिया गया. मगर 2 लाख के बजाय मात्र 50 हजार रुपये तक की ऋण माफी का. इसके तहत पहले चरण में 2 हजार करोड़ रुपये की घोषणा की गई. हर परिवार से एक किसान को ऋण माफी का प्रावधान रखा गया है. किसानों को दी जाने वाली ऋण माफी के लिये राज्य के तीन बैंकों की भूमिका सबसे अहम थी. एसबीआई, बीओआई और ग्रामीण बैंक (Bank) इसमें शामिल थे.

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एसबीआई के जिम्मे 16 प्रतिशत, बीओआई के जिम्मे 32 प्रतिशत और ग्रामीण बैंक (Bank) के जिम्मे 35 प्रतिशत किसानों का डेटा ऋण माफी के लिये अपडेट करना था. दिसंबर माह तक बैंक (Bank) इस मामले में पूरी तरह से सुस्त रही. हैरान करने वाली बात ये है कि अब तक मात्र 25 हजार ईकेवासी हो पाया है. साढ़े 6 लाख किसानों को ऋण माफी का तौहफा देने का दावा कर रही कृषि विभाग के पास अब तक चव्वनी भी नहीं है. वित्त विभाग से राशि मिलने का इंतजार कृषि विभाग कर रही है. राशि उपलब्ध होने के बाद किसानों को इस योजना का लाभ मिलने की उम्मीद है.

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किसानों को दी जाने वाली ऋण माफी योजना में हो रही देरी के मद्देनजर अब कृषि विभाग ने 2 हजार करोड़ में से 1 हजार करोड़ की राशि सरेंडर करने की योजना बनाई है. ये निर्णय वित्तीय वर्ष की समाप्ति को ध्यान में रख कर लिया गया है. झारखंड में ऋण माफी का ये हाल तब है जब कृषि मंत्री बादल पत्रलेख और वित्त मंत्री रामेश्वर उरांव दोनों कांग्रेस कोटे के मंत्री हैं.

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