Thursday , 21 October 2021

गाडिय़ों के हॉर्न पैटर्न बदलने की तैयारी; अब एंबुलेंस और गाडिय़ों में बजेगा तबला और शंख; 2 साल में जीपीएस से कनेक्ट होंगे टोल नाके


दौसा . अब आपको सड़कों पर दौड़ती एंबुलेंस (Ambulances) में तबला, हारमोनियम और शंख की आवाज वाले हॉर्न सुनाई देंगे. केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने गुरुवार (Thursday) को यह जानकारी दी. वे 90 हजार करोड़ रुपए की लागत से बन रहे दिल्ली-मुंबई (Mumbai) ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे का निरीक्षण करने दौसा के धनावड़ गांव आए थे. उन्होंने कहा कि नए हॉर्न पैटर्न पर काम शुरू हो गया है.

गडकरी ने आगे कहा कि रणथंभौर व मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व से निकलने वाले एक्सप्रेस-वे के हिस्से को एक एलिवेटेड कॉरिडोर की तरह बनाकर निकाला जाएगा, ताकि सेंचुरी में रहने वाले जीव-जंतुओं को किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो.

जीपीएस सिस्टम से होगा टोल भुगतान

नेशनल हाईवे और एक्सप्रेस-वे पर टोल नीति में बदलाव की बात कहते हुए केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि अगले 2 साल में जीपीएस सिस्टम से टोल के भुगतान की व्यवस्था शुरू की जाएगी. इसमें एक सॉफ्टवेयर तैयार कर सैटेलाइट और जीपीएस से कनेक्ट किया जाएगा. इसके बाद जो भी वाहन हाईवे पर जितने भी किलोमीटर चलेगा, उसे उतना ही टोल देना होगा. इस कार्यक्रम में गडकरी के साथ सांसद (Member of parliament) जसकौर मीणा, राज्यसभा सांसद (Member of parliament) डॉ. किरोड़ीलाल मीणा, ऊर्जा मंत्री बीडी कल्ला, बांदीकुुई विधायक जीआर खटाना समेत एनएचएआई के अधिकारी मौजूद थे.

किसान जमीन नहीं बेचें, स्वयं का बिजनेस शुरू करें

नेताओं पर चुटकी लेते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि एक्सप्रेस-वे बनने की भनक लगते ही नेताओं व बड़े लोगों द्वारा हाईवे के आसपास कौडिय़ों के भाव जमीन खरीद ली जाती है. इससे किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ता है. ऐसे में किसान भाइयों से अपील करता हूं कि कोई भी अपनी जमीन को किसी बिल्डर या अन्य किसी को नहीं बेचें, बल्कि किसी डेवलपर के साथ मिलकर अपना बिजनेस शुरू करें, ताकि युवाओं को रोजगार मिल सके.

1350 किमी है हाईवे की लंबाई

दिल्ली-मुम्बई (Mumbai) एक्सप्रेस-वे भारत माला परियोजना के तहत बनाया जा रहा है. इसके जरिए इन दो बड़े शहरों को जोड़ा जाएगा. यह हाईवे 1350 किमी लंबा होगा. इसे बनाने में 90 हजार करोड़ रुपए खर्च होंगे. इस प्रोजेक्ट को जनवरी 2023 तक पूरा करने का लक्ष्य है. यह हाईवे देश के 5 राज्यों दिल्ली, हरियाणा (Haryana) , राजस्थान, गुजरात (Gujarat) और महाराष्ट्र (Maharashtra) से गुजरेगा.

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