शराब के लिये कैदी ने जेल में की भूख हड़ताल; 18 दिन बाद अस्पताल में इलाज के दौरान हुई मौत


बांसवाडा (Banswara) . राजस्थान (Rajasthan) के आदिवासी बाहुल्य बांसवाडा (Banswara) जिले में एक कैदी ने शराब उपलब्ध कराने की मांग को लेकर भूख हड़ताल कर दी. करीब 18 दिन बाद उपचार के दौरान कैदी की मौत हो गई. इस कैदी को मारपीट के आरोप में पकड़ा गया था. वह आदतन शराबी बताया जा रहा है. बाद में उसने जेल में शराब को उसकी जरुरत बताते हुये उसकी मांग की. मांग पूरी नहीं होने पर उसने खाना पीना छोड़ दिया. इसके चलते वह काफी कमजोर हो गया. उपचार के दौरान उदयपुर (Udaipur) के अस्पताल में उसकी मौत हो गई. पुलिस (Police) ने शव का पोस्टमार्टम करवाकर उसे परिजनों को सौंप दिया है.

जानकारी के अनुसार शराब के लिये भूख हड़ताल करने वाले कैदी नीरू को सदर थाना पुलिस (Police) ने 6 अक्टूबर को स्थायी वारंटी के तौर पर पकड़ा था. बाद में उसे जेल भेज दिया गया. नीरू ने जेल में 7 अक्टूबर को जेल प्रशासन से शराब मांगी. लगातार 11 दिन तक कुछ नहीं खाने के कारण 17 अक्टूबर को उसकी तबीयत ज्यादा खराब हो गई. इस पर उसे बांसवाडा (Banswara) के एमजी अस्पताल लाया गया. इस दौरान नीरू चलते-चलते गिर रहा था. डॉक्टर (doctor) को दिखाकर पुलिस (Police) कैदी नीरू को वापस सेंट्रल जेल ले गई.

वहां करीब 3 घंटे बाद उसकी हालत ज्यादा बिगड़ने लगी तो उसे दोबारा अस्पताल में भर्ती कराया गया. अस्पताल प्रशासन ने कैदी 19 अक्टूबर को उदयपुर (Udaipur) रेफर कर दिया. वहां इलाज के दौरान 24 अक्टूबर को उसकी मौत हो गई. पुलिस (Police) ने उसका पोस्टमार्टम कराया. नीरू के टीबी की बीमारी होने की बात भी सामने आई है. अभी तक मौत के कारणों का खुलासा नहीं हो पाया है. बांसवाड़ा सेंट्रल जेल के डिप्टी सुपरिटेंडेंट मान सिंह ने कैदी नीरू की मौत की पुष्टि की है. शराब के लिये भूख हड़ताल करने का यह संभवतया पहला मामला है.

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