अयोध्या: नवरात्र में हो सकता है राम मंदिर निर्माण, भूमि पूजन का मिला एक और मुहूर्त


नई दिल्ली (New Delhi). अयोध्या में बहुप्रतीक्षित श्री राम मंदिर (Ram Temple) निर्माण की तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं. और अब प्रतीक्षा है उस शुभ तारीख का, जब भूमि पूजन होने के बाद निर्माण कार्य तेजी से रफ्तार पकड़ेगा. अब निर्माण कार्य के श्रीगणेश का एक और मुहूर्त निकला है. श्रीराम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र न्यास के सूत्रों ने संकेत दिए हैं कि अश्विन शुक्लपक्ष प्रतिपदा या फिर विजयदशमी के आसपास भव्य समारोह के बीच भूमि पूजन किया जा सकता है. वैसे भी चातुर्मास की वजह से अश्विन कृष्णपक्ष पूरा होने यानी अमावस्या तक मांगलिक कार्य करने का कोई मुहूर्त ही नहीं है. ऐसे में सबसे निकट मुहूर्त तो नवरात्रों का ही है. दरअसल, भूमिपूजन को लेकर कई बार तारीख बदली जा चुकी हैं, ऐसे करीब 12 मुहूर्त अभी तक टल चुके हैं.

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न्यास के सूत्रों के मुताबिक, करीब 78 एकड़ के परिसर में बाकी अन्य इमारतों और अन्य निर्माण के लिए काम जारी है. भूमि परिशोधन के लिए आध्यात्मिक, धार्मिक और नैष्ठिक अनुष्ठान जारी हैं. विश्व हिन्दू परिषद् के सूत्र भी यही संकेत दे रहे हैं कि देश भर में कोरोना की स्थिति पूरी तरह काबू में आ जाए और समस्त परिस्थितियां अनुकूल रहें तो दुर्गापूजा के दौरान भूमिपूजन किया जा सकता है. पिछले 26 जून को हुई महत्वपूर्ण बैठक में हुए निर्णय के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस बाबत पत्र भेजा जा चुका है. उनकी ओर से हरी झंडी मिलने के संकेत के साथ ही भव्य समारोह की तैयारी शुरू हो जाएगी. न्यास की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा भूमिपूजन कराने की तैयारी है. इस ऐतिहासिक पल और उत्सव को यादगार बनाने के लिए इसकी ब्रांडिंग कर जन-जन में उत्साह भरने और सबकी भागीदारी सुनिश्चित करने की ज़ोरदार कवायद भी होगी.

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दूसरी ओर मस्जिद पक्ष ने भी अक्टूबर में ही काम शुरू करने का ऐलान किया है. ये ऐलान सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड का कार्यकाल 6 महीने बढ़ाने को मंजूरी मिलने के बाद ही हुआ है. इसके फौरन बाद वक्फ बोर्ड के चेयरमैन जुफैर फारूकी ने कहा कि यूपी सरकार (Government) की ओर से अयोध्या के निकट तय की गई पांच एकड़ जमीन पर मस्जिद निर्माण के लिए 14 सदस्यों वाली मस्जिद निर्माण कमेटी बना दी गई है. इसमें इस्लाम के वरिष्ठ धर्मगुरु और आर्किटेक्ट भी शामिल हैं. यानी बोर्ड की मौजूदा कमेटी ही अयोध्या से करीब 22 किलोमीटर दूर धन्नीपुर गांव में आवंटित भूमि पर मस्जिद का निर्माण कराएगी.

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