Thursday , 25 February 2021

रिलायंस ने तेल-से-रसायन कारोबार के पूर्ण स्वामित्व वाली इकाई में डिमर्जर की रूपरेखा घोषित की

नई दिल्ली (New Delhi) . देश के शीर्ष उद्यमी मुकेश अंबानी के नेतृत्व वाली कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने अपने तेल-से-रसायन कारोबार के पूर्ण स्वामित्व वाली इकाई में डिमर्जर की रूपरेखा घोषित कर दी है. कंपनी ने शेयरहोल्डर्स और क्रेडिटर्स से इसके लिए मंजूरी मांगी है. इससे कंपनी को सऊदी अरामको जैसे ग्लोबल इनवेस्टर्स को आकर्षित करने में मदद मिलेगी. कंपनी ने उम्मीद जताई है कि उसे अगले वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही तक इसके लिए जरूरी मंजूरी मिल जाएगी.

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आरआईएल ने एक्सचेंजेज की दी जानकारी में कहा है कि ऑयल टु केमिकल्स कारोबार के पुनर्गठन से उसे ओटुसी वैल्यू चेन में अवसरों का फायदा उठाने का मौका मिलेगा और डेडिकेटेड मैनेजमेंट टीम इनवेस्टर कैपिटल के डेडिकेटेड पूल्स को आकर्षित करेगी. कंपनी पर नजर रखने वाले कई लोग इसे दीर्घकालिक उत्तराधिकार योजना की दिशा में उठाया गया कदम मान रहे हैं.

रिलायंस इंडस्ट्रीज ने सऊदी अरामको जैसी कंपनियों को हिस्सेदारी की संभावित बिक्री के लिए तेल-से-रसायन व्यवसाय को अलग इकाई बनाने का काम पिछले साल शुरू किया था. कंपनी के तेल-से-रसायन व्यवसाय का मूल्यांकन 75 अरब डॉलर (Dollar) किया गया था. कंपनी सऊदी अरब ऑयल कंपनी (अरामको) के साथ 20 प्रतिशत हिस्सेदारी की बिक्री के लिए बातचीत कर रही थी. लेकिन कोविड-19 (Covid-19) महामारी (Epidemic) के कारण यह रुक गई थी. दोनों कंपनियों के बीच एक बार फिर बातचीत का दौर शुरू हो रहा है. अप्रैल के बाद दोनों के बीच फिजिकल मीटिंग्स का दौर फि से शुरू हो सकता है.

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रिलायंस इंडस्ट्रीज ने तेल-से-रसायन कारोबार के लिए अलग इकाई बना रही है. कंपनी का कहना है कि इस कदम से उसे रणनीतिक साझेदारों के साथ वृद्धि के अवसरों को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी. कंपनी की तेल-से-रसायन इकाई में परिशोधन संयंत्र, पेट्रोरसायन इकाइयां और खुदरा ईंधन विपणन कारोबार शामिल है. इसमें केजी-डी6 जैसे तेल व गैस उत्पादक क्षेत्र तथा कपड़ा व्यवसाय शामिल नहीं है.

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