एसपी के आदेश पर तिरुपति इन्वेस्ट सर्विस के खिलाफ रिपोर्ट हुई दर्ज

उदयपुर (Udaipur). उदयपुर (Udaipur) में स्थित फाइनेंस कंपनी पर करोड़ों के लोन देने के नाम पर लाखों रुपए की ठगी करने के लगे आरोपों के बाद आखिरकार एसपी डॉ राजीव प्रचार के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज की गई. दरअसल उदयपुर (Udaipur) के बिग बाजार के पास स्थित तिरुपति इन्वेस्ट सर्विस पर आसाम के रतन डे, हैदराबाद के पालोजु श्रीनिवासाचार्य ओर यूपी जौनपुर के प्रेम प्रकाश गुप्ता ने पिछली 10 फरवरी को एडिशनल एसपी गोपाल स्वरूप मेवाड़ा को परिवाद दिया था, तभी से ठगी के शिकार प्रार्थी उदयपुर (Udaipur) में ही तिरुपति इन्वेस्ट सर्विस पर कार्रवाई की आस में रुके हुए थे लेकिन 6 दिन तक कोई कार्रवाई नही होने के बाद परेशान प्रार्थियो ने एसपी डॉ. राजीव पचार से मंगलवार (Tuesday) को मुलाकात की जिसके बाद एसपी के आदेश पर जांच अधिकारी कंवर लाल ने आसाम निवासी रतन डे की रिपोर्ट को दर्ज किया है, और तीनों ही पीड़ितों के बयान लिए है. पीड़ित लोगों ने न्याय की गुहार लगाते हुए कहा कि पिछले 2 साल में वो कईं बार अपने पेसो को लेने के लिए चक्कर लगा चुके है लेकिन तिरुपति इन्वेस्ट सर्विस के डायरेक्टर देवानंद वरदानी,खुशबू कुंवर बाला, किरण जोशी, गुलाब, रौनक, कृष्ण कुमार पोद्दार व मनीष जोशी ने हर बार टालमटोल करते हुए अब तक ना तो लोन किया ना ही लोन के नाम पर ली गयी लाखों रुपये की प्रोसेसिंग मनी लौटाई.
हैदराबाद के पालोजु श्रीनिवासाचार्य ने बताया कि हैदराबाद में तिरुपति इन्वेस्ट की फ्रेंचाइजी ओर लोन के नाम पर अब तक उनसे 35 लाख रुपये हड़प चुके है, इस से पहले भी 2018 में पूर्व एसपी कुंवर राष्ट्रदीप को परिवाद दे कर अम्बामाता थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी, जिसके बाद तिरुपति इन्वेस्ट द्वारा 19 लाख में सेटलमेंट की बात करते हुए 6 लाख रुपये उस वक्त दिया और बाकी पैसे के चेक दिए जो बाउंस हो गए. इसके साथ ही आसाम के रतन डे ने आरोप लगाया कि उन्होंने करोड़ो रूपये के लोन की फ़ाइल कम्पनी को भेजी जिसके लिए 20 लाख प्रोसेसिंग चार्ज के रूप में लिया गया और हर बार कागजो में कमी बताकर आज तक ना लोन दिया ना ही प्रोसेसिंग के नाम पर लिया पैसा लौटाया गया. इस मामले में यूपी जौनपुर के प्रेम गुप्ता ने भी करीब 5 लाख की धोखाधड़ी को लेकर तिरुपति इन्वेस्ट के खिलाफ अपना परिवाद दिया था. हालांकि अब एसपी के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज हों पाई है और पुलिस (Police) इस मामले में अपना अनुसंधान कर रही है.
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