प्रवासियों को लाने दिल्ली गई रोडवेज बसें 3 दिन खड़ी रहीं, आखिर में खाली लौटीं


देहरादून (Dehradun). लाकडाउन के दौरान प्रवासियों की वापसी को लेकर उत्तराखंड तथा दिल्ली के अधिकारियों में तालमेल की लापरवही का आलम यह है कि उत्तराखंड परिवहन की 22 बसें दिल्ली में चार दिन इंतजार करती रहीं और फिर खाली ही वापस आ गईं. रोडवेज कर्मचारियों में इसे लेकर रोष है क्योंकि इस वजह से न सिर्फ रोडवेज को नुकसान हुआ है बल्कि कर्मचारी भी परेशान हुए.

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दरअसल, उत्तराखंड रोडवेज की 100 बसें 24 मई को दिल्ली में प्रवासियों को लाने गई थीं. दिल्ली से कुमाऊं के प्रवासियों को लेकर बसें वापस उत्तराखंड आ गईं, लेकिन देहरादून (Dehradun) से गई 22 बसें 24 मई से 27 तारीख तक दिल्ली में खाली खड़ी रहीं. इन बसों में कोई भी प्रवासी वापस नहीं आया. आखिर यह 22 बसें वापस 27 मई की रात खाली देहरादून (Dehradun) लौट आईं. रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद के महामंत्री दिनेश पंत का कहना है कि अधिकारियों की लापरवाही और गलती की सजा भुगतनी पड़ी इन बसों के ड्राइवरों और कंडक्टरों को. पंत के मुताबिक बसों के ड्राइवरों और कंडक्टरों को किसी तरह की कोई जानकारी नहीं दी गई. दिल्ली की भयंकर गर्मी में ड्राइवर और कंडक्टर वहां पड़े रहे.

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राज्य सरकारों का आपस में तालमेल नहीं: अब इन बसों के 44 ड्राइवर, कंडक्टर का मेडिकल चेकअप किया जा रहा है, जिसके बाद उन्हें क्वारंटाइन किया जाएगा. उन्होंने कहा कि राज्य सरकारों का आपस में कोई तालमेल नहीं है जिसकी वजह से रोडवेज की बसें और उनके कर्मचारी दिल्ली में खाली बैठे रहे ऐसे में न सिर्फ संसाधनों पर खर्च हुआ बल्कि ड्राइवर और कंडक्टर भी दिल्ली में परेशान होते रहे.

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