नरेला और बवाना के बीच सुगम कनेक्टिविटी के लिए आरओबी, ट्रैफिक की भीड़-भाड़ होगी कम

नई दिल्ली (New Delhi) . केन्द्रीय आवास और शहरी कार्य राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) हरदीप एस. पुरी ने वर्चुअल रूप से नरेला में फ्लाई ओवर सह-आरओबी का उद्घाटन किया. इस अवसर पर दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल तथा उत्तर-पश्चिम दिल्ली के संसद सदस्य हंसराज हंस उपस्थित थे. समारोह में आवास और शहरी कार्य मंत्रालय के सचिव दुर्गाशंकर मिश्र तथा दिल्ली विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष अनुराग जैन भी उपस्थित थे.

यह फ्लाई ओवर सह-आरओबी दिल्ली की भीड़-भाड़ कम करने के लिए बनाई गई योजना के अनुरूप है और नरेला के विकास पर विशेष बल देता है. इस आरओबी से आने वाले समय में उत्तर पश्चिम दिल्ली के रिहायशी और औद्योगिक केंद्र बनने वाले जा रहे घनी आबादी वाले नरेला और बवाना के बीच कनेक्टिविटी सुगम होगी. इस क्षेत्र में भीड़-भाड़ की समस्या रहती थी क्योंकि रास्ते में रेल फाटक से बाधा आ रही थी. इस फाटक से प्रतिदिन 150 रेलगाड़ियां आती-जाती हैं और फाटक कुछ ही समय खुल पाता है.

इस रेल फाटक से 80 हजार कार चालक गुजरते हैं, जिससे यह सबसे अधिक व्यस्त रेल क्रॉसिंग में एक है. आरोबी के सीधे भाग की लम्बाई 1680 मीटर है और इसको बनाने में 389 करोड़ रुपए की लागत आई है. यूडीएफ की 80 प्रतिशत हिस्सेदारी तथा डीडीए की 20 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ आवास तथा शहरी कार्य मंत्रालय के शहरी विकास कोष (यूडीएफ) से इस परियोजना के लिए राशि प्राप्त हुई है. नरेला को विकास का एक प्राथमिक क्षेत्र माना गया है और डीडीए, द्वारका की तर्ज पर इसे विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है.

डीडीए के वार्षिक बजट 2021-22 में, व्यय का एक महत्वपूर्ण घटक नरेला सब-सिटी के विकास के लिए रखा गया था. परिवहन अवसंरचना परियोजनाओं के लिए आवंटन किए गए, जैसे मेट्रो लाइन चरण-IV के तहत रिठाला बवाना नरेला कॉरिडोर के लिए डीएमआरसी को अनुदान, के निर्माण और एनएचएआई के माध्यम से दिल्ली में यूईआर–II सड़क का निर्माण. इसके अलावा, डीडीए नरेला में विभिन्न आवासीय परियोजनाओं का निर्माण कर रहा है.

Rajasthan news

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *