एनीमिया और संक्रमण से बचाने के लिए 35 हजार स्कूलों में नहीं पहुंची सेनेटरी नेपकिन


जयपुर. एनीमिया और संक्रमण से बचाने के लिए वर्ष 2016 में स्कूली किशोरियों के लिए जोर शोर से शुरू की गई सेनटरी नेपकिन बांटने की योजना की रफ्तार थम गई है. प्रदेश की 20 लाख किशोरियों को संक्रमण बसे बचाने वलो सेनेटरी नेपकिन कई महीनो से प्रदेश के करीब 35 हजार स्कूलो तक नहीं पहुंचे है. ये हाल तब है जब पूर्ववर्ती सरकार की इस योजना को वर्तमान सरकार ने बेहत्तर करने का दावा किया था.

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प्रदेश में कई ऐसे स्कूल बताए जा रहे है जिनमें करीब 8 माह से नेपकिन नहीं पहुंचे स्कूलों में जो स्टॉक था वह भी खत्फ हो चुका है या फिर खत्म होने को है ऐसे में सरकार की ओर से स्वच्छता को लेकर शुरू किए गए इस अभियान का उद्देश्य पूरा होता नजर नहीं आ रहा है. ऐसे में वितरण लगभग सभी स्कूलो में बंद होने के कगार पर है वहीं स्कूल प्रशासन किशोरियों की मांग को देखते हुए नेपकीन उपलब्ध कराने के लिए कह रहे है. रोहत कुमार सिंह अतिरिक्त मुख्य सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि नेपकिन स्कूलो तक पहुंचाने के लिए आवश्यक प्रक्रिया पिछले माह पूरी कर ली गई है इस सप्ताह से नेपकिन पहुंचाने का काम शुरू हो जाएगा अभी तक पुराने स्टॉक से वितरित करने के लिए कहा हुआ है.

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