श्यामपुरा नेचर पार्क में बटरफ्लाई पार्क विकास के होंगे प्रयास : सारस्वत

बांसवाड़ा. शहर की आक्सीजन फेक्ट्री के रूप में ख्यात श्यामपुरा वन क्षेत्र को नेचर पार्क के रूप में विकसित करने की मुहिम के तहत जैव विविधता से समृद्ध इस स्थान के तितलियों की बहुत सी प्रजातियों की अनुकूलता को देखते हुए प्रयास किया जाएगा कि इसका एक भाग बटरफ्लाई पार्क के रूप में विकसित हो ताकि नई पीढ़ी प्रकृति की इस सुंदर नेमत को और करीब से देखने का लुत्फ उठा सकें.

यह विचार नव स्थानांतरित उप वन संरक्षक हरिकिशन सारस्वत ने शनिवार (Saturday) को दक्षिण राजस्थान (Rajasthan) में पर्यावरण और परिेंदों के संरक्षण-संवर्धन के लिए कार्यरत वागड़ नेचर क्लब सदस्यों के साथ भंडारिया वन क्षेत्र में संवाद के दौरान व्यक्त किए. उप वन संरक्षक सारस्वत ने कहा कि प्रदेश के जनजाति क्षेत्रीय विकास मंत्री श्री अर्जुनसिंह बामनिया और नगर परिषद सभापति जैनेन्द्र त्रिवेदी की पहल पर श्यामपुरा वन क्षेत्र को नेचर पार्क के रूप में विकसित करने की कार्ययोजना तैयार की जा रही है और जल्द ही इसे मूर्त रूप प्रदान किया जाएगा. उन्होंने कहा कि इस कार्य में पर्यावरण विशेषज्ञों के कौशल का उपयोग कर इसे बेहतर नेचर पार्क के रूप में विकसित किया जा सकेगा.

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भंडारिया वन क्षेत्र के नेचर वाक दौरान वागड़ नेचर क्लब के वरिष्ठ सदस्य दिनेश जैन, क्लब के वाईल्डलाईफ फोटोग्राफर व जनसंपर्क उपनिदेशक डॉ. कमलेश शर्मा से मुलाकात व संवाद में जब सारस्वत को श्यामपुरा नेचर पार्क में राजस्थान (Rajasthan) में पाई जाने वाली करीब 112 प्रजातियों में से 38 से अधिक प्रजातियों के एक ही स्थान पर पाए जाने के बारे में बताया गया तो सारस्वत ने इस पर खुशी जताई और कहा कि वन विभाग द्वारा वागड़ नेचर क्लब के विशेषज्ञ सदस्यों का तकनीकी सहयोग लेकर इसके एक भाग को बटरफ्लाई पार्क के रूप में स्थापित करने का प्रयास किया जाएगा.

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उन्होंने बटरफ्लाई पार्क के रूप में विकास की दृष्टि से इस वन क्षेत्र में नमी को बढ़ावा देने की जरूरत बताई और कहा कि तितलियों के क्षेत्र में नमी की जरूरत रहती है ऐसे में यहां पर पूर्व में बनाए गए चैकडेम का भी विकास करते हुए इस वन क्षेत्र की हरितिमा को वर्षभर बनाए रखा जाएगा. उन्होंने यहां बटरफ्लाई पार्क के विकास में तकनीकी सहयोग, साईनेज और डिस्प्ले यूनिट स्थापित करने के लिए तैयार किए जाने के लिए वागड़ नेचर क्लब सदस्य सागवाड़ा निवासी तितली विशेषज्ञ व शोधार्थी मुकेश पंवार व क्लब के ही मार्गदर्शक प्रदेश के ख्यातनाम पर्यावरण वैज्ञानिक डॉ. सतीश शर्मा का भी तकनीकी सहयोग प्राप्त करने के लिए आश्वस्त किया. इस मौके पर सहायक वन संरक्षक शैदा हुसैन, वन विभागीय कार्मिक फरीद खां व मास्टर जय शर्मा मौजूद थे.

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