Sunday , 28 February 2021

म्यूचुअल फंडों में बिकवाली, फिर भी SIP की चमक बरकरार


नई दिल्ली (New Delhi) . घरेलू शेयर बाजार नई ऊंचाई पर पहुंचने के बाद ठंडा पड़ता दिख रहा है. मगर सिप में निवेशकों की दिलचस्पी बनी हुई है. म्यूचुअल फंडों की संस्था एम्फी के अनुसार, जनवरी 2021 में नए सिप खातों की संख्या 16.4 लाख के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची है. यह लगातार दूसरा महीना है, जब सिप खातों की संख्या में तेजी आई है. इसके पहले जनवरी 2018 में 12.9 लाख सिप खाते खुले थे. बीते दो महीनों में नए सिप खातों का रोलिंग औसत 30.7 लाख रहा, जबकि बीते चार साल में औसतन 18 लाख सिप खाते खुले हैं.

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सिप खातों की तेजी से बढ़ रही संख्या ने सिप रोकने (सिप स्टोपेज) के अनुपात को जनवरी में 0.47 पर ला दिया है, जो बीते 28 महीनों में सबसे अधिक है. यह नए खुले सिप खातों और पुराने बंद हुए खातों का अनुपात दिखाता है. मई 2020 में यह 0.81 गुना (guna) के शिखर पर था. जनवरी 2021 में नेट आधार पर 8.7 लाख खाते जुड़े, जो बीते तीन साल में सबसे अधिक है. जनवरी के अंत तक कुल सिप खातों की संख्या 3.6 करोड़ तक पहुंच गई. यह आंकड़े तब सामने आ रहे हैं, जब म्यूचुअल फंडों से सात महीनों से निकासी हो रही है. इस दौरान कुल 42,257 करोड़ रुपए की निकासी हुई है.

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एक प्रमुख एसेट मैनेजमेंट कंपनी के मार्केटिंग प्रमुख ने कहा कि ब्याज दरों में कमी और निवेशकों के बढ़ते भरोसे के चलते सिप खातों की संख्या बढ़ी है. म्यूचुअल फंड निवेशकों की खर्च योग्य आय बेहतर करने का माद्दा रखते हैं. अप्रैल 2020 से लगातार आठ महीनों तक सिप की संख्या घटी थी. मगर दिसंबर से रुख बदल गया. बीते दो महीनों से सिप से निवेश 8,000 करोड़ रुपए के ऊपर बना हुआ है. सिप के जरिए स्कीमों की एयूएम 3.9 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच चुका है, जो पूरी इंडस्ट्री के एयूएम का 12.8 फीसदी है.

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