सनसनीखेज हनीट्रैप कांड : आईटी विभाग ने तेज की जांच, एसआईटी से मांगे मामले से जुडे सारे साक्ष्य


भोपाल . एमपी के सियासी गलियारो सहित प्रशासनिक हल्को मे भी हडंकप मचा देने वाले हनीटैप कांड मे हाईकोर्ट के आदेश के बाद आयकर विभाग ने अपनी जांच तेज कर दी है. सुत्र बताते है कि मामले की छानबीन कर रही एसआईटी से विभाग ने जांच के दोरान राडार पर आये सभी सफेदपोशो की डिटेल सहित ऑडियो-वीडियो साक्ष्य से लेकर लेनदेन की जानकारी तलब की है. जल्द ही जांच के आधार पर अब टीम मामले से जुड़े लोगों से हुए आर्थिक लेनदेन और संपत्ति की छानबीन शुरु करेगी भी. उल्लेखनीय है कि बीते दिनो विभाग ने इस बारे में एसआईटी को एक और पत्र भेजा है.

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गोरतलब है कि हनी ट्रैप मामले की जांच कर रही एसआईटी से दो बार कहे जाने के बाद आयकर विभाग को मामले से जुड़े तथ्य उपलब्ध नहीं कराए गए थे. इसके बाद आयकर ने मामले में हाईकोर्ट के सामने अपना पक्ष रखा, जिसके बाद हाईकोर्ट ने स्पष्ट आदेश दिए. इस आदेश मे कोर्ट ने कहा कि विभाग को मामले से जुड़े सभी लोगों के आर्थिक लेनदेन का ब्योरा उपलब्ध कराया जाए. आयकर विभाग इसके जरिए मामले में उपयोग हुए कालेधन, हवाला और बेनामी संपत्ति की छानबीन करना चाह रहा है. इसी संदर्भ में आयकर विभाग की इंवेस्टीगेशन टीम ने पिछले सप्ताह हनी ट्रैप मामले की प्रमुख आरोपित श्वेता विजय, श्वेता स्वप्निल जैन और आरती दयाल से करीब 20 घंटे की पूछताछ की थी.

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सुत्र बताते है कि इस पूछताछ के दौरान आयकर को प्रदेश के कई अधिकारियों और कारोबारियों के बारे में जानकारियां मिली हैं, जिसके बाद अब विभाग बडी कार्यवाही करने के मूड मे है. सुत्र बताते है कि आगे की कार्यवाही मे करोड़ों रुपए की काली कमाई और उन गैर सरकारी संस्थाओं व लोगों का राजफाश हो सकता है, जिन्हें उपकृत किया गया था. जानकारी के अनुसर हाईकोर्ट की इंदौर बैंच में सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेस की ओर से यह कहा गया था, कि हनी ट्रैप मामले में लेनदेन से जुड़े दस्तावेज उपलब्ध कराए जाएं, ताकि जांच आगे बढ़ सके. इसके बाद कोर्ट ने लेनदेन से जुड़े सभी तरह के साक्ष्य आयकर आयकर को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं.

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