Thursday , 21 October 2021

सीएम बदलने पर शिवसेना ने भाजपा पर कसा तंज, कहा ‘मोदी है तो सब मुमकिन है’

मुंबई (Mumbai) . शिवसेना ने अपने मुख्यपत्र सामना के माध्यम से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर तंज कसा है. सामना में छपे एक आलेख में कहा गया है कि जेपी नड्डा को बीजेपी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाए जाने के बाद से पार्टी में लगातार बदलाव हो रहे हैं. प्रधानमंत्री मोदी के मन में जो है, वह जेपी नड्डा के माध्यम से करवाया जा रहा है. नड्डा के ही जरिए उत्तराखंड और कर्नाटक (Karnataka) के मुख्यमंत्री (Chief Minister) बदले गए. गुजरात (Gujarat) का मुख्यमंत्री (Chief Minister) भी एक झटके में बदल दिया गया. गुजरात (Gujarat) में केवल मुख्यमंत्री (Chief Minister) ही नहीं, पूरे मंत्रिमंडल का नवीनीकरण कर दिया गया. पहली बार विधायक बनने वाले मुख्यमंत्री (Chief Minister) भूपेंद्र पटेल को मुख्यमंत्री (Chief Minister) बनाकर भाजपा ने एक नई परंपरा की नींव रखी है. मोदी-नड्डा द्वारा किए गए ये बदलाव साबित करते हैं कि राजनीति में कुछ भी असंभव नहीं है. रुपाणी के मंत्रिमंडल में शामिल सभी मंत्रियों को मोदी व नड्डा ने घर बैठा दिया है. जिन 24 मंत्रियों ने शपथ ली है, वे सभी पहली ही बार मंत्री बने हैं.

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‘नितिन पटेल सहित सभी पुराने और अनुभवी लोगों को मंत्रिमंडल से बाहर कर मोदी व नड्डा ने गुजरात (Gujarat) में नया दांव चला है. राजेंद्र त्रिवेदी विधानसभा अध्यक्ष थे. उन्हें इस पद से हटाया और मंत्री बना दिया. रुपाणी के पीछे अमित शाह का समर्थन था, लेकिन उनके पूरे मंत्रिमंडल को घर का रास्ता दिखाकर मोदी-नड्डा की जोड़ी ने एक जोरदार राजनीतिक संदेश अपनी पार्टी को दिया है. हाल के दिनों में नितिन पटेल अपने को को ‘हैवी वेट’ समझने लगे थे. वह मुख्यमंत्री (Chief Minister) पद के प्रबल दावेदार माने जा रहे थे. जब रूपाणी को किनारे किया गया तो मुख्यमंत्री (Chief Minister) पद के लिए उनका दावा और मजबूत होता दिखा. वे स्वयं भी मानकर चल रहे थे कि वे चूंकि गुजरात (Gujarat) में पाटीदार समाज के अहम नेता हैं, लिए उन्हें किसी तरह नजरअंदाज नहीं किया जाएगा. लेकिन उनके इस सपने को मोदी-शाह की जोड़ी ने पूरी तरह से चकनाचूर कर दिया.

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पाटीदार समाज पिछले कुछ समय से आंदोलित है. आगामी विधानसभा चुनाव (Assembly Elections) में इस असंतोष का झटका लगेगा और गुजरात (Gujarat) में भाजपा की फजीहत होगी. इसका अनुमान लगने पर ही पहले रुपाणी को उनके पूरे मंत्रिमंडल के साथ घर भेज दिया गया, नेतृत्व को पूरी तरह बदलते समय पाटीदार समाज के नेता नितिन पटेल को भी हटा दिया. नए मंत्रिमंडल में मुख्यमंत्री (Chief Minister) भूपेंद्र भाई पटेल के साथ 14 मंत्री पाटीदार समाज व ओबीसी समाज के हैं.

यह साहस का काम होगा, फिर भी अपनी पार्टी में ऐसा साहसी कदम पीएम मोदी ही उठा सकते हैं. मोदी अब 70 साल के हो गए हैं. इसलिए उनके कदम अधिक दमदार ढंग से बढ़ रहे हैं और रास्ते के कांटे वे खुद ही साफ कर रहे हैं. पीएम मोदी के राष्ट्रीय राजनीति का सूत्रधार बनते ही उन्होंने पार्टी के कई पुराने-प्रसिद्ध नेताओं को दूर करके मार्गदर्शक मंडल में डाल दिया. अर्थात ये मार्गदर्शक मंडल जरूरत भर के लिए न होकर उपकार भर के लिए ही रखा. आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी भी इसी मार्गदर्शक मंडल में बैठे हैं. कल की केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में पुनर्गठन में कई पुराने लोगों को मोदी ने घर का रास्ता दिखाकर नए लोगों को स्थान दिया.

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रविशंकर प्रसाद, प्रकाश जावडेकर पर भी मंत्री पद गंवाने की नौबत आई. मोदी ने 2024 के सार्वजनिक चुनाव की तैयारी शुरू कर दी है और उस काम की कमान अपने पास रखने का निर्णय लिया है. देश में कुल मिलाकर असमंजस की स्थिति है. लोगों में, उसी तरह विरोधियों में मोदी की कार्यशैली को लेकर जो रोष दिख रहा है, उसके लिए खुद मोदी कितने जिम्मेदार हैं और उनके इर्द-गिर्द के लोग कितने जिम्मेदार हैं.

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