Saturday , 23 October 2021

चिप संकट से नए उत्पाद में देरी, कर रहे उपाय: सिएमा

नई दिल्ली (New Delhi) . उद्योग निकाय उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स एवं उपकरण विनिर्माता संघ (सिएमा) ने कहा कि घरेलू उपकरण और उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग सेमीकंडक्टर और चिप के संकट से जूझ रहा है. यह संकट न केवल 2022 तक बना रहेगा बल्कि इसके 2023 तक भी जाने की आशंका है. सिएमा के एक अ‎धिकारी ने कहा कि कई विनिर्माता अपने उत्पादों में सामग्री के रूप में चिप का इस्तेमाल करते हैं. चिप के संकट से उनकी क्षमता प्रभावित हो रही है. इससे नए उत्पादों की पेशकश में भी विलंब हो रहा है. चिप की कमी और लौह उत्पाद बढ़ने से क्षेत्र में कीमतों में आई गिरावट के प्रभाव समाप्त हो गया है. उन्होंने कहा कि सेमीकंडक्टर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक कलपुर्जों की कमी की वजह से थोड़े समय के लिए कंट्रोलर की कमी हो सकती है. त्योहारों के दौरान मांग को पूरा करने के लिए हम निकट भविष्य के जोखिमों से निपटने को उचित उपाय किए हैं. सेमीकंडक्टर और चिप का इस्तेमाल उद्योग द्वारा बनाए जाने वाले उपकरणों की श्रृंखला के लिए महत्वपूर्ण कलपुर्जों मसलन माइक्रो कंट्रोलर, ऑप्टोकपलर, पावर रिले, स्विच, वैरिस्टर और कनेक्टर के विनिर्माण में होता है. अ‎धिकारी ने कहा ‎कि हमारा अनुमान है कि यह संकट 2022 में भी बना रहेगा और 2023 तक जाएगा.

न्‍यूज अच्‍छी लगी हो तो कृपया शेयर जरूर करें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *