Saturday , 27 February 2021

12 वर्ष बाद खाना खा पाई सीता, जबड़े का हुआ ऑपरेशन


उदयपुर (Udaipur). धोलपुर की रहने वाली सीतादेवी 12 साल बाद खाना खा सकी. उसके जबड़े की हड़डी मस्तिष्क की हड्डी से जुड़ी होने एवं इस तरह के मामले कम ही होने से इतने समय तक ऑपरेशन संभव नहीं हुआ. यहां जीबीएच जनरल हॉस्पीटल में इस युवती का ऑपरेशन किया गया और उन्होंने 12 साल बाद खाना खाया.
ग्रुप डायरेक्टर डॉ. आनंद झा ने बताया कि सीता देवी (23) को परिजन पिछले दिनों धोलपुर से यहां बेडवास स्थित जीबीएच जनरल हॉस्पीटल के दंत रोग विभाग में दिखाने पहुंचे.

  PNB घोटाले के आरोपी नीरव मोदी को भारत प्रत्यर्पित किया जाएगा ?

यहां विभागाध्यक्ष डॉ. वरदान माहेश्वरी ने मुंह नहीं खुलने के बाद अब तक 12 वर्ष में लिए उपचार की जानकारी ली. इस पर युवती का सीटी स्कैन कराया जिसमें जबड़े के नीचे की हड्डी मस्तिष्क की हड्डी से जुड़ी होने के कारण मुंह नहीं खुल पाने का पता चला. इसमें पता चला कि युवती ने पिछले 12 वर्ष से खाना चबाया तक नहीं है और मुंह नहीं खुल पाने के कारण वह तरल पदार्थ के रूप में ही भोजन ले रही है.

  उदयपुर में एक बार वापस 21 मार्च तक निषेघाज्ञा लागू

डॉ. वरदान ने पूर्वानुभव का उपयोग करते हुए इस युवती का ऑपरेशन कर मुंह खोलने इस पर ऑपरेशन करना तय किया. इसमें उन्होंने बताया कि जबड़े और मस्तिष्क की हड्डी जुड़ी होने को मेडिकल साइंस में टीएमजे एंकायलोसिस कहा जाता है. यह काफी कम मिलने वाली समस्या है. इस पर गैप आर्थो प्लास्टी विथ टेम्पोकेलिस मायोपेशियस इंटरपोजिशनल फ्लेप सर्जरी की प्रक्रिया अपनाई. इसमें युवती के मस्तिष्क और जबड़े के बीच की मांसपेशियां हटाकर दोनों हड्डियां अलग की.

  विदेशी कॉल ट्रांसफर करने वाला गिरफ्तार

इसके अलावा जबड़े की बढ़ी हुई हड्डी काटी गई. ऑपरेशन के तीसरे दिन युवती का मुंह 12 वर्ष बाद 45 एमएम खोला गया और उन्होंने खाना खाया. इस तरह का जटिल ऑपरेशन कम ही होने के कारण डॉ. वरदान ने उदयपुर (Udaipur) में इस तरह का ऑपरेशन कम ही होने का दावा किया है. इस ऑपरेशन में डॉ. वरदान माहेश्वरी के साथ डॉ. मोनिका भारद्वाज, डॉ. राघवेंद्र और निश्चेतना विभाग से डॉ. रजनींद्र शर्मा व रोहित शामिल रहें.

Please share this news

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *