स्पेसएक्स के मालिक एलन मस्क की मंगल ग्रह में जीवन को लेकर है बड़ी योजना

वॉशिंगटन . अमेरिकी के बड़े कारोबारी और स्पेसएक्स के मालिक एलन मस्क की मंगल ग्रह में जीवन को लेकर बड़ी योजना है. वैसे दुनिया के तीन देश मंगल ग्रह पर अपने यान पहुंचा चुके हैं. दुनिया की तमाम स्पेस एजेंसियों का जोर भी मंगल ग्रह के अध्ययन पर है. लेकिन इन चर्चाओं में एलन मस्क का जिक्र नहीं होता. एलन मस्क वे शख्स हैं जो नासा के निर्धारित मंगल मानव अभियान से कई साल पहले मंगल पर लोगों के साथ खुद भी जाना चाहते हैं. हाल ही में उन्होंने एक ट्वीट कर मंगल को बेब कहा है. इससे पहले वे कई बार अपनी योजना के बारे में भी बता चुके हैं. मस्क अपने मंगल अभियान पर बहुत केंद्रित तौर पर काम कर रहे हैं. उनका लक्ष्य साल 2026 तक एक नहीं बल्कि कई लोगों को एक साथ मंगल ग्रह तक पहुंचाने का है. इस ट्वीट में उन्होंने नासा के हबल टेलीस्कोप का एक वीडियो शेयर किया है जिसमें लाल ग्रह का घूर्णन दिखाया गया है. इस पर कमेंट में उन्होंने ‘हे बेबी’ लिखा है.

एलन मस्क टेस्ला और स्पेस एक्स कंपनी के मालिक हैं और दुनिया के शीर्ष उद्योगपति है. उनकी स्पेस एक्स दुनिया की पहली ऐसी निजी कंपनी है जिसके जरिए यान के जरिए अंतरिक्ष यात्रियों (Passengers) को इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पर पहुंचाया गया है. कुछ दिन पहले ही उन्होंने एक शो में खास ऑडियो के जरिए अपने मंगल अभियान के बारे जानकारी देते हुए बताया था कि वे मंगल पर एक आत्मनिर्भर बस्ती का निर्माण करना चाहते हैं. अपने ऑडियो में मस्क ने मंगल पहुंचने की टाइमलाइन का भी जिक्र किया था. उन्होंने बताया था कि साढ़े पांच साल में मंगल पर इंसानों को भेज दिया जाएगा. इसके साथ ही मस्क ने अपने अभियान के समक्ष आने वाली चुनौतियों का भी जिक्र किया था. वहीं उन्होंने यह भी कहा था कि उनकी डेडलाइन अंतिम नहीं है.

हैरानी की बात यह है कि मंगल पर मानव अभियान भेजने की नासा की अंतिम तिथि साल 2033 है जो काफी पहले से मंगल पर जाने की तैयारी कर रहा है. अभी तक मंगल पर इंसान के रहने लायक स्थिति बना पाने तक के संकेत नहीं मिले है. मंगल पर आने जाने के दौरान यात्री कैसे खा पाएंगे. कैसे सांस ले पाएंगे, इस पर अभी शोध ही चल रहा है. लेकिन मस्क बहुत आगे की सोच रखने वाले व्यक्ति हैं. मस्क का इस समय जोर अपने अंतिरक्ष यान को प्रक्षेपित करने वाले खास रॉकेट को विकसित करने पर है जो उनके यानों को पृथ्वी के बाहर पहुंचा कर वापस धरती पर सुरक्षित आ सके और बार बार उपयोग में भी लाया जा सके. इस फॉल्कन रॉकेट के 9 परीक्षण हो चुके हैं और उसके पूर्ण सफल परीक्षण का इंतजार है. लेकिन मस्क को आशा है कि यह प्रयास निश्चित तौर पर सफल हो जाएगा. यहां तक के अब तक के परीक्षणों से वे पूरी तरह से संतुष्ट हैं. मंगल ग्रह पर जाने का सबसे अच्छा समय 26 महीने में एक बार आता है.

इस समय मंगल और पृथ्वी सूर्य का चक्कर लगाते समय एक दूसरे के सबसे पास होते हैं. मस्क चाहते हैं उनकी स्टारशिप हर सप्ताह में बने क्योंकि उन्हें एक हजार स्टारशिप की जरूरत होगी. यह बेड़ा एक बार में एक लाख लोगों को मंगल पर पहुंचा पाएगा. मस्क को लगता है कि कम से कम इतने ही लोग मंगल पर पृथ्वी पर निर्भर हुए बिना एक कॉलोनी बना सकते हैं. मस्क की प्राथमिकता अंतरिक्ष में आना जाने के खर्चे को बहुत ही कम करने की है जिससे मंगल पर जाना बहुत महंगा ना पड़े. वहां रहने की स्थितियां अनूकूल बनाने के लिए मस्क को टैराफॉर्मिग से बहुत उम्मीद है जिसके तहत परमाणु विस्फोटों के जरिए मंगल का तापमान बढ़ाया जाने की उनकी योजना है. इससे काफी समस्याएं एक साथ हो सकती हैं.

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