चिंगारी ऐप की वेबसाइट के साथ छेडछाड, कंपनी ने कहा- यूजर्स का डेटा सेफ


नई दिल्ली (New Delhi). चाइनीज ऐप टिकटॉक का देशी आप्शन चिंगारी ऐप की वेबसाइट के साथ छेड़छाड़ होने और हैकिंग का मामला सामने आया है. चिंगारी ऐप को ऑपरेट करने वाली कंपनी ग्लाबूसाफट की वेबसाइट के कोड्स में बदलाव किए जाने का मामला सामने आया है. कंपनी की वेबसाइट के सभी पेजेस में एक स्क्रिप्ट ऐड कर दी गई, जिसमें मैलिशस कोड भी शामिल था. इसकी मदद से यूजर्स को अलग-अलग वेबसाइट्स पर रिडायरेक्ट किया जा सकता था.

ग्लाबूसाफट की वेबसाइट की खामी का पता सिक्यॉरिटी रिसर्चर एलियट एल्डरसन ने लगाया है. इससे पहले एलियट की ओर से ही आरोग्य सेतु ऐप में मौजूद एक प्रिवेसी इश्यू के बारे में भी जानकारी दी गई थी. चिंगारी ऐप के को-फाउंडर सुमित घोष ने इस बात के सामने आने के बाद तुरंत जवाब दिया और कहा कि भले ही ऐप ग्लाबूसाफट का हिस्सा है लेकिन इसको किसी तरह का नुकसान नहीं पहुंचा है. घोष ने कहा, ‘डब्ल्यूपी इश्यू को मेरे सामने पॉइंट आउट करने के लिए धन्यवाद, चिंगारी को ग्लाबूसाफट के साथ तैयार किया गया था और हमने बनाया है, चिंगारी ऐप या वेबसाइट पूरी तरह सेफ है और हमारे यूजर्स पर इसका असर नहीं पड़ेगा.’
ऐप को-फाउंडर सुमित घोष के मुताबिक, वेबसाइट पर मौजूद इश्यू को जल्द ही फिक्स कर लिया जाएगा.

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उन्होंने कहा,चिंगारी बहुत जल्द एक इंडिपेंडेंट कंपनी बन जाएगी.’ लॉन्च होने के पहले 15 दिनों में ही इस ऐप को 10 लाख से ज्यादा बार इंस्टॉल किया गया है और टिकटॉक बैन के बाद ऐप टॉप चार्ट्स में पहुंच गया है. ‘ग्लाबूसाफट वेबसाइट और चिंगारी ऐप दोनों की सिक्यॉरिटी और इंजिनियरिंग टीमें अलग हैं और आपस में जुड़े नहीं हैं. बता दें कि भारत सरकार (Government) की ओर से बीते दिनों 59 चाइनीज ऐप्स कौ बैन कर दिया गया है और इस लिस्ट में शॉर्ट वीडियो मेकिंग ऐप टिकटॉक भी शामिल है. इस ऐप की जगह अब कई इंडियन ऐप्स तेजी से पॉप्युलर हुए हैं और चिंगारी भी इनमें से एक है.

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