आईपीएल-2022 में 4 खिलाड़ियों की वापसी कर सकती हैं टीमें

नई दिल्ली (New Delhi) . क्रिकेट के रोमांच कहे जाने वाले इंडियन प्रीमियर लीग-2022 की तैयारिया शुरू हो गई हैं. खिलाड़ियों की नीलामी के लिए खिलाड़ियों की रिटेशन पॉलिसी को लेकर सहमति बन चुकी है. पूरी संभावना है कि मौजूदा आठ फ्रेंचाइजी को अधिकतम चार खिलाड़ियों को रिटेन करने की अनुमति होगी. महेंद्र सिंह धोनी, रवींद्र जडेजा, ऋतुराज गायकवाड़ और फाफ डुप्लेसी या ड्वेन ब्रावो में से एक को आईपीएल (Indian Premier League)-2022 के लिए सीएसके की तरफ से रिटेन किया जा सकता है. इसके साथ ही दो नई आईपीएल (Indian Premier League) टीमों को नीलामी के बाहर 2 या 3 खिलाड़ियों को चुनने की अनुमति दी जा सकती है. (इसमें विदेशी खिलाड़ी भी शामिल हैं, यदि कोई बड़ा भारतीय खिलाड़ी उपलब्ध नहीं है). मेगा नीलामी के लिए आईपीएल (Indian Premier League) टीमों को आरटीएम कार्ड मिलने की संभावना नहीं है. एक रिपोर्ट के मुताबिक, यूएई में हाल ही में समाप्त हुए आईपीएल (Indian Premier League) के कुछ अंतिम दिनों के दौरान भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) और टीम के प्रतिनिधियों के बीच अनौपचारिक चर्चा हुई. माना जाता है कि सभी दलों ने इस पर सहमति व्यक्त की है.

जैसा कि पहले रिपोर्ट किया गया था कि एक टीम को अधिकतम तीन भारतीय और दो विदेशी खिलाड़ियों को रखने की अनुमति दी जाएगी, जिनकी कुल संख्या चार से अधिक नहीं होगी. अनकैप्ड खिलाड़ियों को रिटेन करने की भी सीमा हो सकती है- एक टीम को दो से अधिक अनकैप्ड खिलाड़ियों को रिटेन करने की अनुमति नहीं होगी.

भारत बनाम पाक, टी20 विश्वकप ‘महामुकाबले’ से पहले दिग्गजों ने चुनी भारत की प्लेइंग इलेवन, किसके साथ जाएंगे विराट? दो नई टीमों की बिक्री के तुरंत बाद रिटेंशन पॉलिसी पर एक औपचारिक घोषणा की जाएगी, जो शुक्रवार (Friday) (22 अक्टूबर) तक दुबई में 25 अक्टूबर को होने की उम्मीद है. कुछ बोली लगाने वाली पार्टियां वास्तव में दुबई पहुंच चुकी हैं. बता दें कि अभी आईपीएल (Indian Premier League) की एक फ्रेंचाइजी के पास अधिकतम 90 करोड़ रुपए का पर्स होता है. यानी कोई भी फ्रेंचाइजी अपनी टीम बनाने के लिए अधिकतम 90 करोड़ रुपए खिलाड़ियों पर खर्च कर सकती है. आईपीएल (Indian Premier League) 2022 में यह रकम 90 करोड़ से बढ़कर 95 करोड़ या 100 करोड़ रुपए की जा सकती है. यदि कोई फ्रेंचाइजी चार खिलाड़ियों को रिटेन करने का विकल्प चुनती है, तो उसे अपने पर्स का लगभग 40-45 प्रतिशत खर्च करना होगा, जो कि किसी भी खिलाड़ी को रिटेन करने का विकल्प नहीं चुनने वाली फ्रेंचाइजी से 36-40 करोड़ रुपए कम है.

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