बच्चों को बताएं गुड और बैड टच में अंतर

जिस प्रकार आजकल मासूम बच्चों के साथ अपराध बढ़ रहे हैं उससे अभिभावकों का चिंतित होना लाजिमी है. बच्चों को घर के अंदर बंद तो नहीं रखा जा सकता. ऐसे में उन्हें किसी भी

बच्चे बहुत ज्यादा भोले और मासूम होते हैं. उनको अच्छे और बुरे की कोई समझ नहीं होती. जो भी उनको प्यार से बुलाता है वह उसको अपना समझने लगते हैं. उस व्यक्ति के साथ प्यार से बात करने लगते हैं. कई बार तो बच्चे अनजान इंसान के साथ चले भी जाते हैं. क्योंकि बच्चे मन के साफ होते हैं वह समझ नहीं पाते कि किसी के दिमाग में क्या है. ऐसे में मां-बाप को चाहिए कि वह अपने बच्चों को गुड और बैड टच के बारे में जरूर बताएं. ताकि वह किसी यौन शोषण का शिकार ना हो पाएं.

बताएं क्या है बैड टच और गुड टच

बच्चों को नहीं पता कि गुड टच और बैड टच क्या होता है. इसलिए आप उन्हें ना सिर्फ इसके बारे में बताएं बल्कि उन्हें समझाने की कोशिश करें, ताकि वो आसानी से समझ सके.

गुड टच

बच्चों को बताएं कि अगर घर का कोई सदस्य, मम्मी, पापा, दीदी, गले लगाएं तो वह गुड टच है. इससे बच्चे को कोई नुकसान नहीं होगा. परिवार के सदस्य अगर कोई किस करता है तो वह अच्छा है. कमरे के अंदर जाकर कपड़े बदलना ही गुड मैनर्स (Nurse) है.

बच्चों को जानवरों का उदाहरण दे कर समझाएं

आप बच्चों को जानवरों का उदाहरण दे कर भी समझा सकते हैं कि जब हम जानवर को गलत तरीके से छूते हैं तो वो आपको काटता या फिर चिल्लाने लगता है. ठीक वैसे ही अगर कोई आपके साथ ऐसा व्यवहार करता है तो आप भी वैसे ही उसका विरोध करें.

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