भारत-पाक मैच देखने यूएई पहुंचे गृहमंत्री को तुरंत वापस बुलाया

नई दिल्ली (New Delhi) .पाकिस्तान के आंतरिक मंत्री शेख रशीद देश में मौजूदा सुरक्षा स्थिति से निपटने के लिए प्रधानमंत्री इमरान खान द्वारा वापस बुलाए जाने के बाद शनिवार (Saturday) को अपने देश लौट आए. रशीद रविवार (Sunday) को बहुप्रतीक्षित भारत-पाकिस्तान टी20 विश्व कप मैच देखने के लिए संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) गए थे. पाकिस्तान के आंतरिक मंत्री को पाकिस्तान लौटने के लिए मजबूर होना पड़ा क्योंकि टीएलपी ने घोषणा की थी कि वह अपने प्रमुख हाफिज साद हुसैन रिजवी की नजरबंदी के खिलाफ शुक्रवार (Friday) को इस्लामाबाद की ओर एक “लंबा मार्च” शुरू करेगा. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने कथित तौर पर संयुक्त अरब अमीरात में खेल को लाइव देखने के लिए छुट्टी के उनके अनुरोध को मंजूरी दे दी थी. लेकिन बाद में मंत्री से कानून-व्यवस्था की स्थिति से निपटने के लिए देश लौटने का आग्रह किया.

प्रतिबंधित कट्टरपंथी इस्लामी समूह तहरीक-ए-लब्बिक पाकिस्तान (टीएलपी) द्वारा इस्लामाबाद तक संभावित मार्च को रोकने के लिए शनिवार (Saturday) को पाकिस्तान अर्धसैनिक बलों के 500 से अधिक कर्मियों और 1,000 सीमा कर्मियों की एक टुकड़ी को तैनात किया जा रहा है. बयान में कहा गया है कि टीएलपी के मरकज (मुख्यालय) से तहरीक-ए-लब्बैक पाकिस्तान का इस्लामाबाद की ओर शांतिपूर्ण नमूस-ए-रिसालत मार्च जुमे की नमाज के बाद शुरू होगा. डॉन अखबार की रिपोर्ट के अनुसार, इसके सदस्यों को राजधानी में मार्च करने से रोक दिया गया था.प्रकाशन में कहा गया है कि राजधानी प्रशासन ने रेंजर्स और फ्रंटियर कांस्टेबुलरी (एफसी) के कर्मियों की तलाश के लिए पाकिस्तान के आंतरिक मंत्रालय से संपर्क किया. फैजाबाद इंटरचेंज और उसके आसपास सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया जा रहा है. इसके अलावा, शहर में प्रवेश बिंदुओं पर प्रत्येक में 200 पुलिस (Police) कर्मियों की एक टुकड़ी तैनात की गई थी. इसके अलावा, फैजाबाद और रेड जोन सहित विभिन्न स्थानों पर 1,400 पुलिस (Police) कर्मियों को तैनात किया गया था. लाहौर में पहले दौर की वार्ता बिना किसी नतीजे के संपन्न होने के बाद सरकार ने यह फैसला लिया. टीएलपी के सैकड़ों कार्यकर्ता लाहौर में धरने में हिस्सा ले रहे हैं ताकि पंजाब (Punjab) सरकार पर उसके दिवंगत संस्थापक खादिम रिजवी के बेटे हाफिज साद हुसैन रिजवी की रिहाई के लिए दबाव डाला जा सके. छोटे रिजवी को पंजाब (Punjab) सरकार ने 12 अप्रैल से “सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने” के लिए हिरासत में रखा है. लांग मार्च की घोषणा से पहले जारी एक बयान में टीएलपी के मजलिस-ए-शूरा (कार्यकारी परिषद) ने रोते हुए कहा था कि समूह के सदस्य पिछले 15 दिनों से सड़कों पर “शांतिपूर्ण विरोध” कर रहे थे, फिर भी उनकी मांग इस वर्ष की शुरुआत में उनके और सरकार के बीच हुए एक समझौते के कार्यान्वयन के लिए अधूरे रहे.

न्‍यूज अच्‍छी लगी हो तो कृपया शेयर जरूर करें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *