Thursday , 28 January 2021

हृदय के ब्लॉकेज तक पहुंचने में थी दिक्कत, बमुश्किल संभव हुई एंजियोप्लास्टी


उदयपुर (Udaipur). ह्दयाघात के रोगी के ब्लॉकेज तक पहुंचने मे काफी दिक्कत रही. जीबीएच अमेरिकन हॉस्पीटल के कार्डियोवेस्कुलर टीम ने इस कांम्लीकेटेड एंजियोप्लास्टी को सफलतापूर्वक करते हुए रोगी को सुरक्षित बचाया है.

निदेशक डॉ. सुरभि पोरवाल ने बताया कि मंदसौर निवासी 64 वर्षीय अधेड़ उम्र के व्यक्ति को परिजन ह्दयाघात की शिकायत पर यहां जीबीएच अमेरिकन हॉस्पीटल लेकर पहुंचे थे. यहां इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. हितेश यादव ने ईसीजी व अन्य रिपोर्ट के बाद हार्ट अटैक की पुष्टि करते हुए एंजियोग्राफी की, जिसमें तीन में से दो नाड़ी में ब्लॉकेज मिला. इसमें से एक नाड़ी में 95 प्रतिशत ब्लॉकेज था. रोगी के दाएं हाथ की नाड़ी से पहुंचना मुश्किल हो रहा था, ऐसे में दाएं पैर के रास्ते ह्दय की दांयी नाड़ी तक पहुंचा गया. दायीं नाड़ी जन्म से ही विकृत थी और बायीं तरफ से निकल रही थी.

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इसे एआर-2 गाइड की मदद से हुक कर बैलून करने के पश्चात स्टैंटिंग की गई. यह केस अपने आप में जन्मजात विकृति की वजह से कांम्लीकेटेड था और अत्याधुनिक तकनीक और टीम वर्क के कारण यह कांम्लीकेटेड केस इमरजेंसी (Emergency) में सफलतापूर्वक करते हुए रोगी की जान सुरक्षित की गई. टीम में कॉर्डियोलॉजी विभाग के डायरेक्टर डॉ. एसके कौशिक, इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. हितेश यादव, सीईओ एवं डायरेक्टर डॉ. यतिन तलवार और डॉ. लेखराज चौधरी मौजूद रहे.

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