यह हवाई अड्डा पूरे क्षेत्र को राष्ट्रीय गतिशक्ति मास्टरप्लान का एक शक्तिशाली प्रतीक बना देगा: पीएम मोदी

नई दिल्ली (New Delhi) . प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (Narendra Modi) (Prime Minister Narendra Modi) ने आज उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के नोएडा (Noida) अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे की आधारशिला रखी. इस अवसर पर उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के मुख्यमंत्री (Chief Minister) योगी आदित्यनाथ, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, जनरल वी के सिंह, संजीव बलियान, एस पी सिंह बघेल और बी एल वर्मा उपस्थित थे. प्रधानमंत्री ने कहा कि 21वीं सदी का नया भारत आज सर्वश्रेष्ठ आधुनिक बुनियादी ढांचे में से एक का निर्माण कर रहा है. उन्होंने कहा, “बेहतर सड़कें, बेहतर रेल नेटवर्क, बेहतर एयरपोर्ट ये सिर्फ इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स ही नहीं होते बल्कि ये पूरे क्षेत्र का कायाकल्प कर देते हैं, लोगों का जीवन पूरी तरह से बदल देते हैं.”प्रधानमंत्री ने कहा कि नोएडा (Noida) इंटरनेशनल एयरपोर्ट उत्तरी भारत का लॉजिस्टिक्सगेटवे बनेगा. उन्होंने कहा कि यह इस पूरे क्षेत्र को नेशनल गतिशक्ति मास्टरप्लान का एक सशक्त प्रतिबिंब बनाएगा. प्रधानमंत्री ने बुनियादी ढांचे के विकास के आर्थिक प्रभाव को लेकर कहा कि हवाई अड्डे के निर्माण के दौरान रोजगार के हजारों अवसर बनते हैं.

हवाई अड्डे को सुचारु रूप से चलाने के लिए भी हजारों लोगों की आवश्यकता होती है. इसलिए “यह हवाई अड्डा पश्चिमी उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के हजारों लोगों को नए रोजगार भी देगा.” प्रधानमंत्री ने कहा कि आजादी के सात दशक बाद, पहली बार उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) को वह मिलना शुरु हुआ है, जिसका वो हमेशा से हकदार रहा है. डबल इंजन की सरकार के प्रयासों से, आज उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) देश के सबसे कनेक्टेड क्षेत्र में परिवर्तित हो रहा है. उन्होंने कहा किनोएडा (Noida) अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा भारत के बढ़ते विमानन क्षेत्र में एक प्रमुख भूमिका निभाएगा और विमानों के रखरखाव, मरम्मत और संचालन का एक प्रमुख केंद्र होगा. मोदी ने बताया कि मरम्मत, रखरखाव और ओवरहॉल के लिए 40 एकड़ में एमआरओ (मेंटेनेंस, रिपेयर एंड ओवरहॉल) प्रतिष्ठान का निर्माण किया जा रहा है है, जिससे सैकड़ों युवाओं को रोजगार मिलेगा.

आज भारत विदेशों में इन सेवाओं को प्राप्त करने के लिए हजारों करोड़ रुपये खर्च करता है. उन्होंने आने वाले एकीकृत मल्टी-मोडल कार्गो हब पर टिप्पणी करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) जैसे लैंड-लॉक्ड (चारों तरफ से भूमि से घिरे) राज्य में हवाई अड्डा बहुत उपयोगी होगा. यह हब अलीगढ़ (Aligarh), मथुरा (Mathura) , मेरठ (Meerut) , आगरा, बिजनौर, मुरादाबाद (Moradabad) और बरेली (Bareilly) जैसे औद्योगिक केंद्रों की सेवा करेगा. उन्होंने कहा कि खुर्जा कारीगरों, मेरठ (Meerut) खेल उद्योग, सहारनपुर फर्नीचर, मुरादाबाद (Moradabad) के पीतल उद्योग, आगरा (Agra) के जूते-चप्पल और पेठा उद्योग को आगामी बुनियादी ढांचे से काफी मदद मिलेगी. प्रधानमंत्री ने कहा कि पहले की सरकारों ने जिस उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) को अभाव और अंधकार में बनाए रखा,पहले की सरकारों ने जिस उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) को हमेशा झूठे सपने दिखाए,वही उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) आज राष्ट्रीय ही नहीं, अंतर्राष्ट्रीय छाप छोड़ रहा है.

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में और केंद्र में पहले जो सरकारें रहीं, उन्होंने कैसे पश्चिमी उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के विकास को नजरअंदाज किया, उसका एक उदाहरण यह जेवर हवाई अड्डा भी है. मोदी ने कहा कि दो दशक पहले उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) की भाजपा सरकार ने इस प्रोजेक्ट का सपना देखा था,लेकिन बाद में यह हवाई अड्डा अनेक सालों तक दिल्ली और लखनऊ (Lucknow) में पहले जो सरकारें रहीं, उनकी खींचतान में उलझा रहा.

उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में पहले जो सरकार थी उसने तो बाकायदा चिट्ठी लिखकर, तब की केंद्र सरकार (Central Government)को कह दिया था कि इस हवाई अड्डे के प्रोजेक्ट को बंद कर दिया जाए. अब डबल इंजन की सरकार के प्रयासों से आज हम उसी हवाई अड्डे के भूमिपूजन के साक्षी बन रहे हैं. प्रधानमंत्री ने कहा, “इंफ्रास्ट्रक्चर हमारे लिए राजनीति का नहीं बल्कि राष्ट्रनीति का हिस्सा है.हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि प्रोजेक्ट्स अटके नहीं, लटके नहीं, भटके नहीं.हम यह सुनिश्चित करने का प्रयास करते हैं कि तय समय के भीतर ही इंफ्रास्ट्रक्चर का काम पूरा किया जाए.”

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