Thursday , 21 January 2021

जनजाति उपयोजना राज्य स्तरीय कार्यकारी समिति की बैठक सम्पन्न


जनजातीय विद्यार्थियों केे लिये 6.63 करोड़ की लागत से डिजीटल लर्निगं डिवाईस खरीदे जायेंगें

जयपुर-उदयपुर (Udaipur). जनजाति उपयोजना क्षेत्र में प्रभावी निर्माण, क्रियान्वयन एवं मॉनिटरिगं हेतु गठित राज्य स्तरीय कार्यकारी समिति की बैठक वीडियो काफ्रेंसिंग के जरिये मुख्य सचिव निरन्जन आर्य की अध्यक्षता मंे मंगलवार (Tuesday) को आयोजित की गई.

बैठक में आर्य ने जनजातीय विद्यार्थियों के 36 आवासीय छात्रावासों व 398 विद्यालयों के लिये 6.63 करोड़ की लागत से डिजीटल लर्निगं डिवाईस खरीदे जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी. इससे न केवल ऑनलाईन कक्षा का प्रसारण हो सकेगा बल्कि तैयार लर्निंग सामग्री भी विद्यार्थियों को उपलब्ध हो सकेगी.

टीएडी के प्रमुख शासन सचिव शिखर अग्रवाल ने मुख्य सचिव आर्य को अवगत करवाया कि यह राशि वर्ष 2020-21 में कोविड महामारी (Epidemic) की वजह से जनजातीय विद्यार्थियों  की कैरियर काउंसलिंग, प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को भारत भ्रमण न करवा पाने, आवासीय विद्यालयांे एवं छात्रावासों के छात्र-छात्राओं की अनिवार्य विषयों की विशेष कोचिंग व खेल मय योग प्रशिक्षण, संगीत, नृत्य व वाद्य यंत्र प्रशिक्षण आयोजित न होेने के कारण बची है. इस पर आर्य ने इस राशि के डायवर्जन की अनुमति दे दी.

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मुख्य सचिव आर्य ने जनजाति कृषकों की छोटी कृषि जोत हेतु लाभकारी शैडनेट का आकार 500 वर्गमीटर से 2000 मीटर की रेंज को 500 से 100 मीटर को अनुमोदित करते हुए कहा कि इस मॉडल की लागत कम आयेगी व कहा कि शैडनेट उद्यानिकी कृषकों के लिये काफी उपयोगी साबित हुई है. इसमें हाईटेक शैडनेट नर्सरी मॉडल के माध्यम से कृषक सब्जियों एवं फलदार पौधों की नर्सरी तैयार पौध को बैच कर प्रति सीजन लगभग 3 लाख रूपये कमा रहे हैं.

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उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि शैडनेट की प्रभावी मॉनिटरिगं की जाये ताकि इसका लाभ ज्यादा से ज्यादा लाभार्थियों को मिल सके. आर्य ने जनजातीय कृषकों को छोटी-छोटी जोत में खेत की जुताई करने, बीज की बुवाई करने, खरपतवार नियन्त्रण व फसल की कटाई करने में उपयोग किये जाने वाले सब मिशन ऑन एग्रीकल्चर मेकेनाईजेशन के अन्तर्गत कृषि यन्त्र में पावर टिलर पर 15 करोड़ 77 लाख के अनुदान के प्रस्ताव को अनुमोदित कर दिया.

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मुख्य सचिव आर्य ने भारत सरकार द्वारा जनजातीय किसानों को प्रोत्साहित कर सिंचाई हेतु दिन में बिजली उपलब्ध करवाने हेतु शुरू की गई कुसुम योजना के तहत कम्पोनेट ’’बी’’ के तहत सोलर ऊर्जा पम्प एवं कम्पोनेट ’’सी’’ के अन्तर्गत सिंचाई कार्यों हेतु 7.5 एच.पी. क्षमता तक के वर्तमान कृषि कनेक्शनों को सौर ऊर्जा से विद्युतीकृत किये जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी.

उन्होंने वर्ष 2020-21 की अन्तिम तिमाही में जनजातीय छात्रावासों के 40 वार्डन आवासों एवं 35 शौचालय एवं बाथरूम के निर्माण को भी अनुमोदित किया. वीडियो कान्फ्रेंस में टीएडी आयुक्त जितेन्द्र कुमार उपाध्याय, टीएडी संयुक्त शासन सचिव, नेहा गिरी व संबंधित विभाग के अधिकारियों ने भाग लिया.

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