अमेरिका ने मित्र देशों के लिए ड्रोन निर्यात मानकों में दी ढील, 800 किमी से कम गति वाले ड्रोन MTCR से बाहर


वाशिंगटन. ट्रंप प्रशासन ने बड़ा बदलाव करते हुए अपने मित्र देशों को ड्रोनों का निर्यात करने के मानकों में पहले की तुलना में काफी ढील दी है. नई निर्यात नीति के अनुसार प्रति घंटे 800 किलोमीटर से कम गति से उड़ने वाले ड्रोन अब मिसाइल प्रौद्योगिकी नियंत्रण व्यवस्था (एमटीसीआर) के अधीन नहीं रहेंगे. ह्वाइट हाउस की प्रेस सचिव कैली मेकनैनी ने एक बयान में कहा, कि इस कदम से अपने साझेदारों की क्षमताओं में सुधार कर अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा बढ़ेगी और अमेरिकी उद्योग के लिए ड्रोन बाजार का विस्तार करके आर्थिक सुरक्षा में वृद्धि होगी.

  गृह मंत्री मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने अब मांगी माफी

सहायक विदेश मंत्री क्लार्क कूपर ने कहा इससे हमारे सहयोगियों को मदद मिलेगी. इससे उन्हें राष्ट्रीय सुरक्षा और वाणिज्य संबंधी अपनी तत्काल जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी तथा साथ ही अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा संबंधी और आर्थिक हित पूरे होंगे. उन्होंने कहा क्रूज मिसाइलें, हाइपरसोनिक वायु यान और उन्नत मानवरहित लड़ाकू विमान जैसी उच्च गति वाली प्रणालियां इस बदलाव से प्रभावित नहीं होंगी.

  नोरा फतेही ने साड़ी में टेरेंस लेविस के साथ यूं किया रोमांटिक डांस

अमेरिका अब भी एमटीसीआर का प्रतिबद्ध सदस्य है और इसे उत्तर कोरिया एवं ईरान जैसे देशों को उच्च मिसाइल प्रौद्योगिकियां न देने को रणनीतिक तौर पर महत्वपूर्ण मानता है. कूपर ने कहा व्यापक पैमाने पर तबाही मचाने वाले हथियारों के इस्तेमाल और प्रसार को रोकना ट्रंप प्रशासन की प्राथमिकता है. अभी तक केवल तीन देशों इंग्लैंड, फ्रांस और ऑस्ट्रेलिया को अमेरिकी निर्माताओं से बड़े, सशस्त्र ड्रोन खरीदने की अनुमति है.

  नौसेना के अनुबंध पूरा नहीं करने पर जताया ऐतराज, जंगी जहाजों के बेड़े को खरीदने में असफल रहने का मामला

Check Also

पूर्व क्रिकेटर डीन जोंस का मुंबई में निधन

भारत के खिलाफ खेली थी 1986 में 210 रन की पारी मुंबई . डीन जोन्स …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *