भारत 53 से अधिक देशों को कोविड-19 टीकों की आपूर्ति करा चुका: उपराष्ट्रपति

नई दिल्ली (New Delhi) . उपराष्ट्रपति एम.वेंकैया नायडू ने सार्वजनिक भाषण में शब्दों की शालीनता और भाषा की शालीनता बनाए रखने की जरूरत पर जोर दिया और कहा कि यह एक स्वस्थ और मजबूत लोकतंत्र के लिए आवश्यक है. गुजरात (Gujarat) के ऐतिहासिक दांडी गांव में ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ के तहत आयोजित 25 दिन लंबी प्रतीकात्मक’दांडी यात्रा’ के समापन समारोह को संबोधित करते हुए, उपराष्ट्रपति ने सभी से महात्मा गांधी से प्रेरणा लेने के लिए कहा, जिन्होंने अपने विरोधियों के लिए भी हमेशा विनम्र और सम्मानजनक भाषा का इस्तेमाल किया.

उन्होंने कहा, “गांधी जी का अहिंसा का सिद्धांत केवल शारीरिक हिंसा तक ही सीमित नहीं था, बल्कि इसने अहिंसा को शब्दों और विचारों में भी सीमित कर दिया था. उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों को एक दूसरे के साथ प्रतिद्वंद्वियों के तौर पर पेश आना चाहिए न कि दुश्मन के तौर पर. “आज़ादी का अमृत महोत्सव” – भारत की आजादी के 75 साल पूरे होने के मनाया जा रहा 75 हफ्तेका एक उत्सव है जिसका शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (Narendra Modi) (Prime Minister Narendra Modi) ने 12 मार्च को साबरमती आश्रम सेकिया था. यह उत्सव पिछले 75 साल में हुई भारत की तेज प्रगति का जश्न मनाता है.

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उपराष्ट्रपति ने कहा कि यह एक उत्सव है जो हमें अपनी छिपी हुई शक्तियों को फिर से तलाशने के लिए प्रोत्साहित करता है और हमें राष्ट्रों की मंडली में अपनी सही जगह हासिल करने के लिए ईमानदार, सहयोगात्मक कार्रवाई करने के लिए प्रेरित करता है. नायडू ने कहा कि इसने इतिहास की दिशा को बदल दिया. उन्होंने कहा, “दांडी यात्राजिसे हम आज प्रतीकात्मक रूप में फिर से देख रहे हैं, यह चुनौतियों के बीच एकजुट रहने की हमारे राष्ट्र की क्षमता को दर्शाता है.“उपराष्ट्रपति ने कहा कि विकास के पथ पर एक साथ चलने की इस क्षमता ने कई सकारात्मक नतीजे हासिल किए हैं और भविष्य में भी इस मार्ग का लगातार पालन करने की जरूरत पर जोर दिया.

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उन्होंने कहा कि गांधीजी और सरदार पटेल जैसे महान नेताओं का संदेश हमें एक ऐसे भारत के निर्माण के लिए एक साथ काम करने की प्रेरणा प्रदान करता है जिसका हम सभी सपना देख रहे हैं. नायडू ने कहा कि यह एक ऐसा भारत है जो अन्य देशों के साथ अपनी समृद्धि साझा करता है. उन्होंने कहा, “यह एक ऐसा देश है, जो संवैधानिक मूल्यों और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संजोता है और सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, के आदर्श वाक्य के अनुरूप लोगों के कल्याण की गहरी प्रतिबद्धता रखता है.

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