Saturday , 23 October 2021

उपराष्ट्रपति ने सीएसआईआर प्रयोगशाला से रोडमैप तैयार करने का आग्रह किया

नई दिल्ली (New Delhi) . उपराष्ट्रपति, एम वेंकैया नायडू ने वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) को उच्चतम कोटि के विज्ञान का अनुसरण करते हुए स्वयम को फिर से खोजने और भविष्यवादी बनने की सलाह दी. आज नई दिल्ली (New Delhi) में वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) के 80वें स्थापना दिवस समारोह में भाग लेते हुए उन्होंने कहा कि सीएसआईआर की प्रयोगशालाओं और संस्थानों को उन चुनौतियों का समाधान करना चाहिए जिनके लिए दीर्घकालिक वैज्ञानिक और तकनीकी समाधान की आवश्यकता होती है. नायडू चाहते थे कि वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद कृषि अनुसंधान पर अधिक ध्यान दे और किसानों के सामने आने वाली समस्याओं के समाधान के लिए नए नवाचारों, तकनीकों और समाधानों के साथ आए. उन्होंने इन चुनौतियों में से जलवायु परिवर्तन, औषधि में प्रतिरोधक बाधा, प्रदूषण, महामारी (Epidemic) और वैश्विक महामारी (Epidemic) के प्रकोप का उल्लेख किया वाला दिया जिन पर वैज्ञानिक समुदाय को ध्यान देने की आवश्यकता है.

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उन्होंने कहा कि कोविड​​​​-19 महामारी (Epidemic) सिर्फ एक अप्रत्याशित संकट है और इसके अतिरिक्त कई और चुनौतियां भी हैंI इसके लिए सीएसआईआर जैसे संस्थानों को किसी भी अप्रत्याशित और अचानक सामने आई समस्या से निपटने के लिए तैयार रहने की जरूरत है. नायडु ने कहा कि, “सीएसआईआर की प्रत्येक प्रयोगशाला को नई अनुसंधान परियोजनाओं पर एक ऐसी स्पष्ट कार्य योजना (रोडमैप) के साथ आना चाहिए जो विभिन्न चुनौतियों का समाधान करने और मानवता की व्यापक भलाई में योगदान करने का प्रयास करती है. यह उल्लेख करते हुए कि भारत ने विज्ञान की दुनिया में अंतरिक्ष, परमाणु ऊर्जा, महासागर विज्ञान अथवा रक्षा अनुसंधान में महत्वपूर्ण योगदान दिया है, उन्होंने कहा कि जब राष्ट्र स्वतंत्रता के 75 वर्ष मना रहा है तब यह देखने का एक उपयुक्त समय है कि हम कैसे इस समय चल रहे विकास कार्यों में तेजी ला सकते हैं. उन्होंने कहा कि विज्ञान का अंतिम उद्देश्य लोगों के जीवन को बेहतर बनाना और उनके जीवन को आरामदायक बनाना होना चाहिए. कुछ मापदंडों और स्रोतों के आधार पर शोध प्रकाशनों के मामले में भारत के दुनिया में तीसरे स्थान पर रहने के लिए उपराष्ट्रपति ने वैश्विक वैज्ञानिक अनुसंधान में भारत की स्थिति को लगातार आगे बढ़ाने के लिए वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं की सराहना की.

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नायडू ने कॉरपोरेट्स और उद्योगों से प्रमुख वैज्ञानिक संस्थानों के साथ घनिष्ठ संबंध बनाने, महत्वपूर्ण अनुसंधान एवं विकास परियोजनाओं की पहचान करने और उनमें निवेश करने का आग्रह किया. उन्होंने कहा कि, “इससे न केवल वित्तपोषण को बढ़ावा मिलेगा बल्कि गुणवत्ता और नवाचार दोनों में सुधार होगा. यह बताते हुए कि कोविड-19 (Covid-19) ने वैज्ञानिक और तकनीकी प्रगति के बावजूद दुनिया को प्रभावित कर दिया है, उन्होंने कहा कि ” यह विषाणु (वायरस) समूचे विश्व में खतरनाक तरीके से फ़ैल गया और अब लाखों लोगों को संक्रमित करने के बाद हजारों लोगों की जान भी ले रहा है”.

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