पश्चिम रेलवे ने कोरोना काल में बनाए कई रिकॉर्ड, 80.72 मिलियन टन की माल ढुलाई की


मुंबई (Mumbai) , . पश्चिम रेलवे (Railway)द्वारा कोरोना के संकटकाल में भी आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति को बनाए रखने के लिए देशभर में माल और पार्सल भेजने के लिए विशेष ट्रेनों का परिचालन किया जा रहा है. लॉकडाउन (Lockdown) के समय में कई बाधाओं को पार करके पश्चिम रेलवे (Railway)ने माल ढुलाई के क्षेत्र में कई रिकॉर्ड बनाए हैं. पश्चिम रेलवे (Railway)ने वित्तीय वर्ष 2020-21 में 80.72 मिलियन टन की माल ढुलाई की है, जो पिछले साल के 77.06 मिलियन टन से 4.7 प्रतिशत ज्यादा है.

पश्चिम रेलवे (Railway)के महाप्रबंधक आलोक कंसल के मार्गदर्शन और निरंतर मॉनिटरिंग के चलते सभी बाधाओं और प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद पश्चिम रेलवे (Railway)ने इस उपलब्धि को हासिल किया है. 22 मार्च 2020 से 31 मार्च 2021तक लॉकडाउन (Lockdown) अवधि के दौरान पश्चिम रेलवे (Railway)द्वारा माल गाड़ियों के जरिये 81.93 मिलियन टन आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति के लिए कुल 36128 रेकों को चलाया गया है. 74,834 मालगाड़ियों को अन्य जोनल रेलवे (Railway)के साथ इंटरचेंज किया गया, जिसमें 37,478 ट्रेनों को सौंप दिया गया और 37,356 ट्रेनों को अलग-अलग इंटरचेंज पॉइंट पर ले जाया गया.

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वहीं पश्चिम रेलवे (Railway)द्वारा इस अवधि में 91 किसान रेल चलाई गईं और 29 हज़ार टन कृषि उत्पादों का परिवहन किया गया. किसान रेल के माध्यम से खराब होने वाली वस्तुओं की आवाजाही विश्वसनीय और सुरक्षित है. यह बिना किसी नुकसान के कृषि उत्पादों के सुचारू, तेजी से और समय पर परिवहन में मदद करता है. इन किसान ट्रेनों के माध्यम से मध्य प्रदेश के मालवा क्षेत्र के प्याज किसानों को देश के पूर्वी और उत्तर पूर्वी भागों में नया बाजार मिला है, जबकि महाराष्ट्र (Maharashtra) में डहाणू के चीकू किसानों ने भी उत्तर क्षेत्र में तेजी से और किफायती तरीके से बाजार तक पहुंचना सुविधाजनक पाया है.

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इस प्रकार पश्चिम रेलवे (Railway)ने 2020-21 के दौरान, अपनी 1027 पार्सल विशेष गाड़ियों के माध्यम से 3.0 लाख टन से अधिक वजन वाली वस्तुओं को देश के अन्य भागों में पहुंचाया, जिसमें मुख्य रूप से कृषि उत्पाद, दवाइयां, मछली, दूध आदि शामिल हैं. इस यातायात के फलस्वरूप लगभग 108.96 करोड़ रूपए का राजस्व प्राप्त हुआ है.

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