Saturday , 23 October 2021

जब भारत ने कहा ‘शुक्रिया सुहास’

नई दिल्ली (New Delhi) . जो पिछले 56 साल के इतिहास में कभी नहीं हुआ वह कर दिखाया सुहास एल यथिराज ने. तभी पूरे देश के दिल से आवाज आयी शुक्रिया सुहास. टोक्यो पैरालिंपिक में नोएडा (Noida) के डीएम सुहास एल यथिराज ने बेडमिंटन की मेंस सिंगल्स प्रतियोगिता में ना केवल सिल्वर मेडल जीता बल्की इतिहास भी रच दिया. अभी तक के पैरालिंपिक खेलों में एक प्रशासनिक अधिकारी का यह सबसे बेहतरीन प्रदर्शन था. वो पदक जीतने वाले देश के पहले आईएएस बन गए. टोक्यो पैरालिंपिक में मेंस सिंगल्स एसएल-4 कैटिगिरी में सुहास एल यथिराज का सामना फ्रांस के लुकास मजूर से हुआ.

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फाइनल मुकाबले में सुहास ने पहला राउंड जीत लिया था, लेकिन अगले दो राउंड में उनको हार मिली और वे गोल्ड मेडल से चूक गए लेकिन उन्होंने गर्व के साथ पोडियम पर रजत पदक पहन कर भारत को गौरवान्वित किया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने कहा, “सेवा और खेल का एक शानदार संगम! डीएम गौतमबुद्ध नगर सुहास यतिराज ने अपने असाधारण खेल प्रदर्शन से हमारे पूरे देश की कल्पना पर कब्जा कर लिया है. बैडमिंटन में रजत पदक जीतने पर उन्हें बधाई. उन्हें उनके भविष्य के प्रयासों के लिए शुभकामनाएं. सुहास एलवाई का जन्म कर्नाटक (Karnataka) के शिमोगा में हुआ. जन्म से ही दिव्यांग सुहास शुरुआत में IAS नहीं बनना चाहते थे. वो बचपन से ही खेल के प्रति बेहद दिलचस्पी रखते थे. इसके लिए उन्हें पिता और परिवार का भरपूर साथ मिला. 2007 में उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) कैडर से आइएएस बनने के बाद जहां उन्होंने कई विश्व स्तरीय प्रतियोगिताओं में देश के लिये मैडल जीते वहीं प्रयागराज (Prayagraj)और नोएडा (Noida) के जिलाधिकारी की भी जिम्मेदारियां निभायीं.

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