विश्व बैंक अध्यक्ष ने कहा ः सीरम जैसा संस्थान भारत का सौभाग्य

नई दिल्ली (New Delhi) . विश्व बैंक (Bank) अध्यक्ष डेविड मालपास ने कहा कि भारत सौभाग्यशाली है जो उसके पास सीरम इंस्टीट्यूट जैसा वैश्विक टीकों का एक बड़ा निर्माता है. उन्होंने यह टिप्पणी अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष  व विश्व बैंक (Bank) की आगामी बैठक से पूर्व मीडिया (Media) से चर्चा के दौरान की. मालपास ने कहा, मेरा सीरम इंस्टीट्यूट के साथ काफी संपर्क रहा है. यह साफ नहीं है कि अमेरिका, यूरोप में, द.अफ्रीका या भारत में स्थानीय मांगों की आपूर्ति के लिए स्थानीय उत्पादन की क्या जरूरतें हैं. इस बीच सीरम इंस्टीट्यूट के सीईओ अदार पूनावाला ने जून से दोबारा कोविड वैक्सीन का निर्यात शुरू करने की उम्मीद जताई है. 

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वहीं, विश्व की सबसे बड़ी वैक्सीन निर्माता भारतीय कंपनी सीरम इंस्टीट्यूट के सीईओ अदार पूनावाला ने जून से दोबारा कोविड वैक्सीन का निर्यात शुरू करने की उम्मीद जताई. उन्होंने कहा कि यह उसी स्थिति में होगा, यदि भारत में नए कोरोना (Corona virus) संक्रमण का असर कम दिखाई देता है. लेकिन देश में कोरोना संक्रमण के मामलों में लगातार बढ़ोतरी से वैक्सीन निर्यात में और ज्यादा देरी हो सकती है, क्योंकि सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया को पहले घरेलू जरूरतों को पूरा करना होगा.

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विश्व में हर किसी को समान रूप से वैक्सीन की उपलब्धता के लक्ष्य वाले अमेरिका समर्थित कोवाक्स प्रोग्राम के लिए सीरम इंस्टीट्यूट सबसे अहम सप्लायर है. लेकिन कोवाक्स ने 25 मार्च को अपने इस वैक्सीन कार्यक्रम को बड़ा झटका लगने की घोषणा की थी, क्योंकि भारत में बढ़ते संक्रमण के कारण सीरम इंस्टीट्यूट को घरेलू मांग को पूरी करने में जुटना पड़ा था. इसके चलते 9 करोड़ वैक्सीन की वैश्विक सप्लाई में देरी होना तय हो गया था.

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