
नई दिल्ली, मार्च 1: ईरान के भारत में राजदूत मोहम्मद फतहली ने बताया कि शनिवार को अमेरिका और इजरायल द्वारा किए गए हमलों में सैकड़ों निर्दोष ईरानी नागरिकों की मौत हुई है. उन्होंने यह भी कहा कि ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई और राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन सुरक्षित हैं.
फतहली ने एक साक्षात्कार में कहा कि यह हमला ईरान की संप्रभुता का उल्लंघन है. उन्होंने आरोप लगाया कि एक हमले में मिनाब शहर के एक बालिका विद्यालय में 50 से अधिक छात्राओं की जान गई.
उन्होंने कहा, “ईरान ने न तो युद्ध की शुरुआत की है और न ही वह युद्ध चाहता है. लेकिन हम आत्मरक्षा का अधिकार प्रयोग करते हुए कड़ा जवाब देंगे. हमारी प्रतिक्रिया हमलावर की कार्रवाई के अनुपात में होगी.”
सुप्रीम लीडर और राष्ट्रपति कार्यालय को निशाना बनाने की खबरों पर उन्होंने कहा कि दोनों नेता पूरी तरह सुरक्षित हैं. फतहली ने कहा कि खामेनेई केवल राजनीतिक नेता नहीं हैं, बल्कि शियाओं के धार्मिक मार्गदर्शक हैं. उनके खिलाफ किसी भी हमले के गंभीर परिणाम होंगे.
ईरान द्वारा इजरायल पर जवाबी हमलों के बीच बैकचैनल कूटनीति की संभावना पर फतहली ने कहा कि ईरान ने अमेरिका के साथ वार्ता की थी. लेकिन अमेरिका ने संवाद के बजाय सैन्य कार्रवाई का रास्ता चुना.
उन्होंने कहा, “जब दूसरा पक्ष युद्ध की भाषा बोलता है, तो जवाब भी उसी मैदान में दिया जाएगा. ईरान वैध आत्मरक्षा के तहत कठोर जवाब देगा.”
ईरान में भारतीय छात्रों और पेशेवरों की सुरक्षा पर उन्होंने कहा कि अब तक किसी भारतीय नागरिक के हताहत होने की कोई सूचना नहीं है. ईरानी अधिकारियों ने सभी विदेशी नागरिकों के लिए सुरक्षा परामर्श जारी किए हैं.
राजदूत ने चेतावनी दी कि यदि ईरान पर हमला होता है, तो क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को वैध लक्ष्य माना जाएगा. उन्होंने क्षेत्रीय देशों से अपील की कि वे अपने क्षेत्र का उपयोग ईरान के खिलाफ हमलों के लिए न करें.
उन्होंने दोहराया कि ईरान का उद्देश्य युद्ध का विस्तार नहीं, बल्कि आक्रामकता को रोकना है.