
नई दिल्ली, 10 मार्च: इनकम टैक्स विभाग ने देशभर में उन रेस्टोरेंट्स की जांच के लिए एक विशेष अभियान चलाया है, जिन पर बिक्री कम दिखाने का संदेह है.
8 मार्च को 22 राज्यों के 46 शहरों में 62 रेस्टोरेंट्स का सर्वे किया गया. प्रारंभिक जांच में लगभग 408 करोड़ रुपए की बिक्री छिपाने का मामला सामने आया है.
विभाग ने बताया कि नवंबर 2025 में फूड एंड बेवरेज सेक्टर में टैक्स चोरी के पैटर्न की जांच शुरू की गई थी. जांच में पाया गया कि कुछ रेस्टोरेंट्स बड़े बिलों को डिलीट कर रहे थे या उनमें बदलाव करके असली बिक्री को कम दिखा रहे थे.
लगभग 1.77 लाख रेस्टोरेंट्स के लेन-देन के आंकड़ों का विश्लेषण एआई तकनीक की मदद से किया गया. इन आंकड़ों की तुलना उनके आयकर रिटर्न में घोषित टर्नओवर से की गई. जांच में पता चला कि कई स्थानों पर आय कम दिखाने के मामले सामने आए. कुछ मामलों में दर्ज बिक्री को पूरी तरह से खातों या टैक्स रिटर्न में नहीं दिखाया गया था.
इसके बाद 8 मार्च 2026 को देशभर में 62 रेस्टोरेंट्स पर सर्वे किया गया, जिसमें शुरुआती तौर पर लगभग 408 करोड़ रुपए की बिक्री छिपाने का पता चला. मामले की आगे जांच जारी है.
इनकम टैक्स विभाग ने कहा कि वह स्वैच्छिक अनुपालन और भरोसे पर आधारित व्यवस्था को बढ़ावा दे रहा है. इसी उद्देश्य से विभाग ने ‘सक्षम नज’ अभियान शुरू किया है, जिसके तहत करदाताओं को अपनी गलतियां सुधारने के लिए मार्गदर्शन दिया जाएगा.
अभियान के पहले चरण में 63,000 रेस्टोरेंट्स को ईमेल और संदेश भेजे जाएंगे और उनसे कहा जाएगा कि वे 31 मार्च 2026 से पहले अपने आयकर रिटर्न को अपडेट कर लें.
विभाग ने करदाताओं को आयकर अधिनियम की धारा 139(8ए) के तहत अपडेटेड रिटर्न दाखिल करने के लिए प्रोत्साहित किया है.