मुंबई में अंतरराष्ट्रीय सेक्स रैकेट का भंडाफोड़, दो विदेशी महिलाएं रेस्क्यू

मुंबई, 28 फरवरी: मुंबई पुलिस ने मानव तस्करी के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए अंधेरी पूर्व के एक होटल में चल रहे अंतरराष्ट्रीय सेक्स रैकेट का पर्दाफाश किया है. नौकरी के झांसे में फंसाकर भारत लाई गई युगांडा की दो विदेशी महिलाओं को जबरन देह व्यापार में धकेलने का आरोप है. पुलिस ने होटल के चार कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है, जबकि होटल मालिक और एक केन्याई महिला, जो इस रैकेट की मुख्य कड़ी बताई जा रही है, फरार हैं.

पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई सांताक्रूज पुलिस स्टेशन की एक महिला अधिकारी की शिकायत पर की गई. पुलिस को अंधेरी (पूर्व) के एके रोड स्थित होटल विला पैलेस में संदिग्ध गतिविधियों की गोपनीय सूचना मिली थी. सूचना के आधार पर की गई छापेमारी में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए. जांच में पता चला कि 30 और 36 साल की दोनों युगांडाई महिलाओं को रोजगार दिलाने के बहाने भारत लाया गया था. बाद में उन्हें होटल में रखा गया और ग्राहकों के लिए मजबूर किया गया.

पुलिस ने बताया कि केन्याई नागरिक जैस्मीन ने महिलाओं को मुंबई लाने, उनके ठहरने और ग्राहकों की व्यवस्था करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. पीड़ित महिलाओं की आवाजाही पर भी सख्त पाबंदी थी. मामले की जांच में विदेशी नागरिकों से जुड़े नियमों के गंभीर उल्लंघन भी सामने आए. होटल प्रबंधन ने न तो विदेशी मेहमानों का सही रिकॉर्ड रखा और न ही अनिवार्य सी-फॉर्म जमा किया. महिलाओं का नाम होटल रजिस्टर में दर्ज न होना पुलिस को साजिश और सबूत छिपाने की ओर इशारा करता है.

छापेमारी के दौरान होटल मैनेजर विवेककुमार वैद्यनाथ यादव (26) और हाउसकीपिंग स्टाफ के अनिल कुमार जोकू पुष्पाकर (24), धीरज मधुकर जावले (35) और महेश राजपाल राजवरिया (45) को गिरफ्तार किया गया.

पुलिस अब होटल मालिक अक्षय दिलीप शेडगे और फरार केन्याई महिला जैस्मीन की तलाश में जुटी है. होटल के सीसीटीवी फुटेज जब्त कर लिए गए हैं और उनकी बारीकी से जांच की जा रही है. अधिकारियों के अनुसार, यह मामला सिर्फ एक होटल तक सीमित नहीं हो सकता. अंतरराष्ट्रीय मानव तस्करी के बड़े नेटवर्क की आशंका जताई जा रही है और जांच आगे बढ़ने के साथ और खुलासे व गिरफ्तारियां संभव हैं.

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