इजरायली इंटेलिजेंस का दावा, ईरान के दबाव में हिज्बुल्लाह की गतिविधियाँ बढ़ीं

नई दिल्ली, मार्च 4: इजरायली इंटेलिजेंस के अनुसार, ऑपरेशन ‘रोअरिंग लायन’ की शुरुआत के साथ ही ईरानी नेतृत्व ने क्षेत्रीय समीकरणों को बदलने की कोशिशें तेज कर दी हैं. रिपोर्ट्स में आरोप लगाया गया है कि हिज्बुल्लाह पर इजरायल के खिलाफ कार्रवाई करने का भारी दबाव डाला गया है.

इजरायल डिफेंस फोर्स (आईडीएफ) के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल नदाव शोशानी ने कहा कि ऑपरेशन ‘रोअरिंग लायन’ के आरंभ से ही ईरानी अधिकारियों ने हिज्बुल्लाह लीडरशिप पर इजरायल के खिलाफ फायरिंग करने के लिए दबाव डाला, जिससे आईडीएफ पर दबाव बढ़ सके और इजरायली नागरिकों को नुकसान पहुंचाया जा सके.

यह स्पष्ट है कि हिज्बुल्लाह ने ईरानी सरकार की मदद करने के लिए इजरायल पर हमला करने का निर्णय लिया है. हिज्बुल्लाह के निर्णयों से यह सिद्ध होता है कि उनके फायदे ईरानी सरकार में हैं, जबकि लेबनान के लोगों के लिए नहीं. हिज्बुल्लाह ने एक बार फिर लेबनानी लोगों की सुरक्षा के बजाय ईरानी सरकार को प्राथमिकता दी है, और यह एक ऐसी लड़ाई के लिए है जिसे वे जीत नहीं सकते.

शोशानी ने पहले कहा था, “ऑपरेशन ‘रोअरिंग लायन’ की शुरुआत से ही ईरानी सरकार आम लोगों को निशाना बना रही है. हाल के हमले में उन्होंने बेत शेमेश कम्युनिटी के कई नागरिकों को मार डाला. ईरानी सरकार एक आतंकवादी राज्य है.”

मंगलवार को इजरायल के बेत शेमेश में एक बड़ा हमला हुआ. यरुशलम से लगभग 30 किलोमीटर पश्चिम में बेत शेमेश में कई घर तबाह हो गए. इस हमले में कई लोगों की जान गई, जिनमें बच्चे भी शामिल हैं.

हमला इतना बड़ा और भयानक था कि कुछ ही सेकंड में पूरा मोहल्ला तबाह हो गया. हर तरफ अफरा-तफरी का माहौल था.

बेत शेमेश के निवासी चश्मदीद शिमोन गैनन ने हमलों के बाद के भयावह हालात के बारे में बताया, “तीन या चार सेकंड के भीतर यहां सब कुछ नष्ट हो गया. पूरा घर तबाह हो गया. यह किसी सपने की तरह है, कुछ असली नहीं लगता. यहां कोई नहीं समझ पा रहा कि क्या हुआ.”

बेत शेमेश में अधिकारी अभी भी तबाही की पूरी हद का आकलन कर रहे हैं, और इलाके में चल रहे तनाव के बीच बचाव अभियान जारी है.

Leave a Comment