केरल ने विमेंस पॉलिसी- 2026 को दी मंजूरी, जेंडर न्याय को मिलेगा बढ़ावा

त्रिवेंद्रम, 12 फरवरी: केरल सरकार ने जेंडर न्याय को सुनिश्चित करने के लिए नई ‘विमेंस पॉलिसी- 2026’ को मंजूरी दी है. स्वास्थ्य एवं महिला बाल विकास मंत्री वीना जॉर्ज ने बताया कि राज्य कैबिनेट ने इस नीति को स्वीकृति दी है.

यह नीति बुजुर्ग नागरिकों की गरिमा और कल्याण की सुरक्षा के लिए समावेशी और समानता पर आधारित ढांचा प्रदान करती है. यह किसी भी राज्य द्वारा लाई गई पहली ऐसी नीति है.

राज्य में बुजुर्गों की आबादी लगातार बढ़ रही है, जो वर्तमान में कुल जनसंख्या का 16.5 प्रतिशत है. यह आंकड़ा 2036 तक बढ़कर 23 प्रतिशत होने की संभावना है.

मंत्री वीना जॉर्ज के अनुसार, इस नीति की योजना महिला बाल विकास विभाग के अंतर्गत गठित 11 सदस्यीय जेंडर काउंसिल ने तैयार की. योजना के निर्माण से पहले नौ बैठकें, एक सेमिनार और 72 विषय विशेषज्ञों से परामर्श लिया गया. लगभग 300 महिलाओं से फीडबैक लेकर नीति को अंतिम रूप दिया गया.

‘विमेंस पॉलिसी- 2026’ का मुख्य उद्देश्य जाति, धर्म और जेंडर के आधार पर भेदभाव को समाप्त करना है. यह नीति समाज के सभी क्षेत्रों में महिलाओं की समान भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर देती है.

इसके अलावा, रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में जेंडर न्याय को बढ़ावा देने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे. बुजुर्ग महिलाओं को विशेष सुरक्षा प्रदान करने और महिलाओं के खिलाफ हिंसा रोकने के लिए मौजूदा तंत्र को मजबूत किया जाएगा.

ऑनलाइन नफरत और साइबर उत्पीड़न के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भी प्रावधान किया गया है. सिनेमा और मीडिया क्षेत्र में महिलाओं के लिए सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने हेतु हेमा कमेटी की सिफारिशों को लागू किया जाएगा.

मंत्री वीना जॉर्ज ने बताया कि मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में एक राज्य जेंडर मॉनिटरिंग कमेटी नीति के क्रियान्वयन की निगरानी करेगी. प्रत्येक सरकारी विभाग में प्रभावी अमल के लिए एक जेंडर रिसोर्स पर्सन नियुक्त किया जाएगा.

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