
वाशिंगटन, 1 मार्च: ईरान के आखिरी शाह के बेटे रज़ा पहलवी ने कहा है कि ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई अब “इतिहास के पन्नों से मिट चुके हैं.” उनका मानना है कि इस्लामिक गणराज्य अब अपने अंत के करीब है.
पहलवी ने खामेनेई को “हमारे समय का खून का प्यासा तानाशाह” बताया और आरोप लगाया कि उन्होंने हजारों ईरानी नागरिकों की जान ली है. उन्होंने कहा, “उनकी मौत के साथ ही इस्लामिक गणराज्य का प्रभावी तौर पर अंत हो चुका है.”
पहलवी ने चेतावनी दी कि यदि मौजूदा शासन खामेनेई के स्थान पर किसी नए नेता को लाने की कोशिश करेगा, तो यह प्रयास असफल रहेगा. उनके अनुसार, “हर कोशिश असफल होगी.”
उन्होंने ईरान की सेना, पुलिस और सुरक्षाबलों से कहा कि गिरते हुए शासन को बचाने की कोई भी कोशिश सफल नहीं होगी. उन्होंने सुरक्षा बलों से अपील की कि यह उनका आखिरी मौका है कि वे जनता का साथ दें और ईरान को एक स्वतंत्र और समृद्ध भविष्य की ओर ले जाने में मदद करें.
पहलवी ने कहा कि खामेनेई की मौत न्याय नहीं है, लेकिन इससे शोक मना रहे परिवारों को कुछ राहत मिल सकती है. उन्होंने उन माता-पिता और बच्चों का जिक्र किया जिन्होंने अपने प्रियजनों को खोया है.
ईरान की जनता को “सम्मानित और बहादुर” बताते हुए पहलवी ने लोगों से सतर्क रहने और आगे की तैयारी करने का आग्रह किया. उन्होंने कहा कि यह एक बड़े राष्ट्रीय उत्सव की शुरुआत हो सकती है, लेकिन संघर्ष अभी खत्म नहीं हुआ है.
उन्होंने कहा, “सड़कों पर निर्णायक मौजूदगी का समय बहुत करीब है. एकजुट होकर, हम अपनी अंतिम जीत हासिल करेंगे और अपने देश में ईरान की आजादी का जश्न मनाएंगे.”
रज़ा पहलवी, जो कई दशकों से अमेरिका में निर्वासन में हैं, ने कहा कि यदि मौका मिला, तो वे तेहरान लौटकर एक अंतरिम नेता के रूप में देश को लोकतंत्र की ओर ले जाने में भूमिका निभा सकते हैं.