
इंफाल, 4 मार्च: मणिपुर में नई सरकार के गठन के एक महीने बाद, मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने बुधवार को मंत्रिपरिषद के सदस्यों के बीच विभागों का आवंटन किया. हालांकि, कई महत्वपूर्ण विभाग अभी भी मुख्यमंत्री के पास हैं, जबकि मंत्रिमंडल में सात पद रिक्त हैं.
मुख्य सचिव पुनीत कुमार गोयल द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, मुख्यमंत्री की सलाह पर राज्यपाल अजय कुमार भल्ला ने मंत्रियों को विभाग आवंटित किए. उपमुख्यमंत्री नेमचा किपगेन को ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग, जनजातीय मामलों और पहाड़ी विभाग का प्रभार दिया गया है.
दूसरे उपमुख्यमंत्री लोसी डिखो को लोक स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग और वन, पर्यावरण तथा जलवायु परिवर्तन विभाग का जिम्मा सौंपा गया है. भाजपा विधायक कोंथुजम गोविंदास सिंह को गृह विभाग और युवा मामले एवं खेल विभाग की जिम्मेदारी दी गई है, जबकि खुरेजाम लोकेन सिंह को कला एवं संस्कृति तथा पर्यटन विभाग सौंपे गए हैं.
मुख्यमंत्री खेमचंद सिंह, नेमचा किपगेन और कोंथुजम गोविंदास सिंह भारतीय जनता पार्टी से हैं, जबकि लोसी डिखो नागा पीपुल्स फ्रंट (एनपीएफ) और खुरेजाम लोकेन सिंह नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) से संबंधित हैं.
मणिपुर सरकार के आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर कहा गया कि यह विभागीय आवंटन शासन को मजबूत करने और प्रमुख विभागों में केंद्रित नेतृत्व सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है.
4 फरवरी को राष्ट्रपति शासन हटने के बाद, मुख्यमंत्री खेमचंद सिंह ने दो उपमुख्यमंत्रियों और दो मंत्रियों के साथ शपथ ली थी. हालाँकि, मंत्रिपरिषद का पूर्ण विस्तार अभी नहीं हुआ है और सात मंत्री पद खाली हैं.
भाजपा विधायक नेमचा किपगेन, जो एकमात्र महिला मंत्री हैं, ने सुरक्षा कारणों से नई दिल्ली स्थित मणिपुर भवन से वर्चुअल माध्यम के जरिए उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी.
भाजपा के एक वरिष्ठ नेता के अनुसार, मणिपुर विधानसभा के बजट सत्र के बाद मंत्रिपरिषद का विस्तार “निश्चित रूप से” किया जाएगा. बजट सत्र होली के बाद आयोजित होने की संभावना है.
मुख्यमंत्री खेमचंद सिंह ने पहले ही स्पष्ट किया है कि हिंसा से प्रभावित राज्य में शांति और सामान्य स्थिति की बहाली सभी हितधारकों की सामूहिक जिम्मेदारी है.
60 सदस्यीय मणिपुर विधानसभा, जिसका कार्यकाल 2027 तक है, राष्ट्रपति शासन के दौरान निलंबित रही.
22 फरवरी को, मुख्यमंत्री खेमचंद सिंह ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की. बैठक में जातीय हिंसा से प्रभावित आंतरिक रूप से विस्थापित लोगों के पुनर्वास सहित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई.
मुख्यमंत्री कार्यालय के एक अधिकारी के अनुसार, केंद्रीय गृह मंत्री ने राज्य सरकार द्वारा शांति एवं सद्भाव बहाल करने के लिए उठाए जा रहे कदमों की समीक्षा की.
नई दिल्ली प्रवास के दौरान, मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अन्य केंद्रीय मंत्रियों से भी मुलाकात की.