
नई दिल्ली, 6 मार्च: क्रिकेट एक रोमांचक खेल है, जो खिलाड़ियों को दौलत और शोहरत की ऊंचाइयों पर पहुंचाता है. लेकिन, इस खेल के साथ हमेशा चोट लगने का खतरा भी बना रहता है. कई क्रिकेटर ऐसे हैं जिनका करियर चोटों के कारण प्रभावित हुआ या समय से पहले समाप्त हो गया. इनमें भारत के पूर्व सलामी बल्लेबाज नारी कॉन्ट्रैक्टर का नाम प्रमुखता से लिया जाता है.
नारी कॉन्ट्रैक्टर का पूरा नाम नरीमन जमशेदजी नारी कॉन्ट्रैक्टर है. उनका जन्म 7 मार्च 1934 को गोधरा में हुआ था, जो उस समय बॉम्बे प्रेसिडेंसी का हिस्सा था. उन्होंने 2 दिसंबर 1955 को न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट मैच में डेब्यू किया. कॉन्ट्रैक्टर ने केवल टेस्ट क्रिकेट खेला और 26 वर्ष की आयु में उन्हें टीम इंडिया की कप्तानी भी सौंपी गई. उनका करियर शानदार चल रहा था, लेकिन एक गंभीर चोट ने इसे समय से पहले समाप्त कर दिया.
1962 में भारत और वेस्टइंडीज के बीच किंगस्टन में एक टेस्ट मैच के दौरान, कैरेबियाई तेज गेंदबाज चार्ली ग्रिफित की एक बाउंसर गेंद नारी कॉन्ट्रैक्टर के सिर पर लगी. यह चोट बेहद गंभीर थी. कॉन्ट्रैक्टर 6 दिनों तक बेहोश रहे और काफी खून बह गया. उस समय भारत के अलावा वेस्टइंडीज के खिलाड़ियों ने भी उन्हें रक्तदान किया. बाद में डॉक्टरों ने उनकी जान बचाने के लिए सिर में मेटल की प्लेट लगाई. हालांकि उनकी जान बच गई, लेकिन इस चोट के कारण उनका क्रिकेट करियर समाप्त हो गया.
1955 से 1962 के बीच, उन्होंने 31 टेस्ट मैचों में 52 पारियों में 1 शतक और 11 अर्धशतकों की मदद से 1,611 रन बनाए. इसके अलावा, 138 प्रथम श्रेणी मैचों में 22 शतकों के साथ उन्होंने 8,611 रन बनाए.
वर्तमान में, नारी कॉन्ट्रैक्टर मुंबई में रहते हैं. उन्हें 2007 में सी. के. नायडू लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया गया था.