
नई दिल्ली, 12 मार्च: केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 13 मार्च को असम के गुवाहाटी में एक कार्यक्रम में पीएम किसान सम्मान निधि की 22वीं किस्त के तहत 9.32 करोड़ किसानों के खातों में 18,640 करोड़ रुपए सीधे हस्तांतरित करेंगे.
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत अब तक 4 लाख 9 हजार करोड़ रुपए से अधिक की राशि डीबीटी के माध्यम से वितरित की जा चुकी है. इसमें 2.15 करोड़ से अधिक महिला किसान भी शामिल हैं.
शिवराज सिंह ने कहा कि इस सीधी आर्थिक मदद से कृषि निवेश में वृद्धि हुई है और किसानों की साहूकारों पर निर्भरता कम हुई है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है. प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में कृषि विकास और किसान कल्याण का महायज्ञ निरंतर जारी रहेगा.
पत्रकारों को संबोधित करते हुए उन्होंने पिछले 12 वर्षों में कृषि के क्षेत्र में हुई प्रगति पर प्रकाश डाला. भारत अब अनाज की कमी वाले देश से निकलकर एक वैश्विक शक्ति बन गया है. 2014 में खाद्यान्न उत्पादन 252 मिलियन टन था, जो अब बढ़कर 357 मिलियन टन हो गया है.
बागवानी में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है. फल और सब्जियों का उत्पादन 277 मिलियन से बढ़कर 369 मिलियन टन तक पहुंच गया है. दाल उत्पादन में भारत आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा है.
कृषि मंत्री ने बताया कि किसानों की सहायता के लिए ‘भारत विस्तार’ नामक एआई डिजिटल प्लेटफॉर्म का पहला चरण लॉन्च किया गया है. इसके माध्यम से किसान अपनी स्थानीय भाषा में खेती से जुड़ी जानकारी प्राप्त कर सकेंगे.
कृषि ऋण 2014 में 8 लाख 45 हजार करोड़ रुपए था, जो अब बढ़कर 28 लाख 69 हजार करोड़ रुपए हो गया है. फसल बीमा योजना के तहत किसानों के खातों में लगभग 2 लाख करोड़ रुपए की क्लेम राशि जमा की गई है.
बजट में भी भारी वृद्धि हुई है. यूपीए सरकार के समय का 27,000 करोड़ रुपए का कृषि बजट अब बढ़कर 1.40 लाख करोड़ रुपए सालाना से अधिक हो गया है.